फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेशनल अचीवमेंट सर्वे में परखी जाएगी बच्चों की दक्षता

विज्ञापन
demo photo - फोटो : Demo Pic
विज्ञापन
220 स्कूलों में 12 नवंबर को होगी होगी परीक्षा
विज्ञापन

बरेली। स्कूली छात्रों के शिक्षा स्तर को जानने के लिए मानव एवं विकास मंत्रालय एनसीईआरटी व राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के संयुक्त तत्वाधान में इस बार 12 नवंबर को नेशनल अचीवमेंट सर्वे होना है। शिक्षा विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। बरेली के 220 स्कूलों में यह सर्वे होगा। बेसिक के 105 और माध्यमिक के 105 मिलाकर कुल 220 केंद्र बनाए गए हैं।
बीएसए विनय कुमार ने बताया कि केंद्रों में आलमपुर में सात, आंवला में एक, बहेड़ी में तीन, शहर में नौ, भदपुरा में दो और भोजीपुरा में छह, भुता में आठ, फरीदपुर में छह व फरीदपुर टाउन में दो, फतेहगंज में छह, क्यारा में छह, मझगंवा में आठ, मीरगंज में सात, नवाबगंज में दस, रामनगर में चार, रिछा में सात, शेरगढ़ में सात और बिथरी चैनपुर में छह केंद्र बनाए गए हैं। इसी तरह माध्यमिक के 105 स्कूलों को केंद्र बनाया गया है। बीएसए ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर या परीक्षा पूरे देश में एक ही दिन संचालित होती है। इस परीक्षा में कक्षा तीसरी, 5वीं, 8वीं और 10वीं के छात्र शामिल होंगे। इस परीक्षा में उसी स्कूल के छात्र शामिल होंगे, जिसमें छात्रों की परीक्षा ली जाएगी।
विज्ञापन

एक दिन में एक ही समय में 90 से लेकर 120 मिनट की वैकल्पिक परीक्षा होगी। इसमें पहली बार प्राइवेट स्कूलों को भी शामिल किया गया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे एक नमूना आधारित सर्वेक्षण है, जिससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए एक प्रामाणिक आंकड़ों का विस्तृत आधार उपलब्ध होता है। ये सर्वे तीन साल में एक बार होता है। 2017 के बाद यह सर्वे 2020 में होना था, लेकिन कोविड के कारण पिछले साल यह सर्वे नहीं हो पाया। इसलिए 2021 में ये सर्वे हो रहा है।
विद्यार्थी का हो सकेगा आंकलन
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीआरटी) द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर यह परीक्षा आयोजित हो रही है। इस सर्वे का उद्देश्य सभी सरकारी स्कूलों सहित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आंकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक नीतियां और कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर पर काफ ी असर पड़ा है। ऐसे में यह परीक्षा विद्यार्थियों के लिए कारगर साबित होगी। इन्हें ग्रामीण, शहरी, ग्रामीण प्राइवेट, सरकारी आदि पैमानों पर मापा जाएगा।
विज्ञापन

ये पूछेंगे जाएंगे प्रश्न
एनसीआरटी की तरफ से तीन साल में एक बार राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण करवाया जाता है। शिक्षा विभाग जिले के रैंडम स्कूलों में कक्षा तीसरी और पांचवीं के विद्यार्थियों की हिंदी, गणित, कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों कीं सामाजिक विज्ञान, हिंदी और गणित व दसवीं के विद्यार्थियों की सामाजिक विज्ञान, हिंदी, गणित व अंग्रेजी विषय की परीक्षा लेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें