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Atiq Ashraf Murder: अतीक-अशरफ का गैंग टूटा, अब सद्दाम निशाने पर, 50 हजार का इनामी बनाने की तैयारी

Sun, 16 Apr 2023 07:59 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाल ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के बिथरी चैनपुर थाने में दर्ज मुकदमे में नामजद अशरफ के साले सद्दाम पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब आईजी के स्तर से सद्दाम पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित हो सकता है। 
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सद्दाम, अतीक और अशरफ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज में  शनिवार रात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के साथ ही इनका गैंग भी लगभग खात्मे के कगार पर है। अशरफ का साला सद्दाम अब बरेली पुलिस व एसटीएफ के रडार पर है।

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दोनों भाइयों की हत्या से दो दिन पहले ही अतीक के बेटे असद को एसटीएफ ने उसके साथी गुलाम के साथ झांसी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। अतीक का पूरा गैंग अब टूट गया है, उसके कई करीबी जेल जा चुके हैं। अतीक व अशरफ के कई करीबी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। 

सद्दाम पर घोषित है 25 हजार का इनाम 

अशरफ की मददगारों के खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में दर्ज मुकदमे में नामजद अशरफ के साले सद्दाम पर शुक्रवार को ही एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अब आईजी के स्तर से सद्दाम पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित हो सकता है। सद्दाम मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहा है। बरेली एसआईटी और लखनऊ एसटीएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी है।

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जिस तरह से अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या की गई है, उससे इस गैंग के सदस्यों व गुर्गों में दहशत बैठने का अनुमान है। ऐसे में अशरफ के साले सद्दाम को भी जान का खतरा बरकरार है। इसी खतरे को देखते हुए सद्दाम सरेंडर करने का प्रयास कर सकता है।

अशरफ के मददगार डर के मारे टाल रहे जमानत

अशरफ की मदद के आरोप में जेल भेजे गए आरोपी भी दहशत में आ गए हैं। एसआईटी ने जेल के दो आरक्षियों और लल्ला गद्दी समेत कई लोगों को जेल भेजा था। इसमें से दो जेल आरक्षियों और नन्हे उर्फ दयाराम ने अदालत में जमानत अर्जी लगा रखी है। इस पर सुनवाई 17 और 18 अप्रैल को होनी है। बावजूद लल्ला गद्दी और अन्य आरोपियों ने अभी जमानत के लिए अर्जी ही दाखिल नहीं की है। 
 
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बताया जा रहा है कि पुलिस और एसटीएफ की टीमें जिस तरह से अतीक और अशरफ गैंग के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं उससे लल्ला गद्दी और अशरफ की मदद करने वाले अन्य आरोपी दहशत में हैं। दहशत के कारण बाहर आने की बजाय वह कुछ दिन और जेल में गुजारना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक अशरफ के करीबी और उसकी मदद करने वाले खुद अपनी जमानत नहीं कराना चाहते हैं। 
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