फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्रिपुरा में हिंसा पर जताया विरोध

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। त्रिपुरा राज्य में मुस्लिमों पर हो रही हिंसा को कांग्रेस ने प्रायोजित बताते हुए दर्ज हो रहे मुकदमों को हटाने की मांग राष्ट्रपति से की है। उधर, बहुजन क्रांति मोर्चा ने भी हिंसा रोकने और हिंदूवादी संगठनों के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन

मंगलवार को जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि त्रिपुरा में मुस्लिम वर्ग के गांवों व संपत्तियों पर हिंदू वादी संगठन हमले कर रहे हैं। इन्हें वहां की राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। सुप्रीम कोर्ट के वकीलों, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर राज्य सरकार ने फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। इन सबके मुकदमे वापस लिए जाएं।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव सैय्यद अल्तमश हुसैन, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, रामहित निषाद, डा.केपी सेन, नाथूराम सेन, सनी पटेल, अल्ला रक्खू, सुखदेव गांधी, अशोक वर्धन कर्ण, इबाद सिद्दीकी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन

उधर, बहुजन क्रांति मोर्चा द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि पिछले 12 दिनों से त्रिपुरा में मस्जिदों, मदरसों और मुस्लिमों के घरों में प्रायोजित हमले हो रहे हैं। धारा 144 लागू होने के बावजूद यह संगठन रैली निकाल रहे हैं। इन संगठनों पर तत्काल पाबंदी लगाने, रैली का नेतृत्व करने वाले भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आदि के विरुद्ध संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने, दंगा प्रभावित परिवारों को 50 लाख की मदद, इबादत स्थलों की सुरक्षा आदि की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में मोर्चा के जिला संयोजक उमलेश भारतीय, मंडल प्रभारी रामशरण अनुरागी सहित राजेश कुमार, आरपी चौधरी, पप्पू यादव, दिलीप पटेल, वंश गोपाल प्रजापति, ओमप्रकाश यादव आदि पदाधिकारी शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें