बांदा। रूस और यूक्रेन युद्ध की मार गरीबों पर पड़ने वाली है। सरकारी खरीद केंद्रों में गेहूं की कमी का सीधा असर दिखाई रहा है। प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत मंडल के नौ लाख से अधिक कार्डधारकों को अब जून माह से सिर्फ चावल ही मिलेगा। गेहूं का वितरण सरकार ने बंद कर दिया है। अभी तक अंत्योदय को प्रति राशन कार्ड पर 20 किलो गेहूं व 15 किलो चावल और पात्र गृहस्थी को प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल मुफ्त दिया जा रहा था।
चित्रकूटधाम मंडल के 1,12,945 अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो गेहूं और पात्र गृहस्थी के 8,66,722 कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो चावल दिया जाएगा। संभागीय खाद्य नियंत्रक संजीव कुमार का कहना है कि राशन की दुकानों में भेजने के लिए उनके पास गेहूं नहीं हैै। एफसीआई से लेकर इस माह अनाज भेजा गया है। अगले माह से सिर्फ चावल ही भेजा जाएगा। उपायुक्त खाद्य एवं रसद उबैदुर्रहमान का कहना है कि गेहूं की कमी के कारण राशन की दुकानों में अब सिर्फ चावल का वितरण होगा। अन्य सामान तेल, चना, नमक पूर्व की तरह वितरित होगा।
महज 25 हजार मीट्रिक टन हुई खरीद
खाद्य और रसद आयुक्त सौरभ बाबू ने प्रशासन को भेजे पत्र में बताया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गेहूं के दामों में खासा उछाल आया है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपद बांदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट के सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों में दो लाख चार हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक महज 25 हजार मीट्रिक टन ही गेहूं बिकने के लिए आया है। इससे सरकार के पास गेहूं का टोटा हो गया है।