बांदा। रिमझिम बारिश के बीच श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सोमवार को धूमधाम से मनाई गई। रात्रि कर्फ्यू में छूट दिए जाने के बाद कान्हा के जन्म का उत्साह और बढ़ गया। देर रात तक आयोजनों की धूम रही। रात 12 बजते ही भक्तों ने उत्साह के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया। विधिवत पूजा-अर्चना हुई और व्रत का पारण किया।
बच्चों में खासा उत्साह था। पुलिस लाइन में भी भव्य जन्मोत्सव मनाया गया। करीब 15 साल बाद अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के एक साथ पड़ने पर सोमवार की आधी रात घरों और मंदिरों में श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई गईं।
घंटे-घड़ियाल और शंख के साथ नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की और राधे-कृष्ण के जयकारे गूंज उठे। बधाई गीत गाए गए। शहर के प्रमुख अयोध्यावासी मंदिर, कैलाशपुरी और लक्ष्मी-नारायण मंदिर (छोटी बाजार), बांबेश्वर पर्वत में स्थित राधा-कृष्ण, महेश्वरी देवी, संकट मोचन आदि मंदिरों में भक्तों ने उत्साह के साथ जन्मोत्सव मनाया।
मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। रंग-बिरंगी बिजली के झालरों से मंदिर जगमगाते रहे। राधे-कृष्ण की झांकियां सजाई गईं। घरों में भी कान्हा के वेशभूषा में बच्चों को सजाया गया।
एसीडी स्टूडियो निदेशक रश्मि गुप्ता निशा के निर्देशन में बच्चों ने माखन चोरी की मनमोहक लीला की। पुलिस लाइन में कई वर्षों बाद जन्माष्टमी पर कार्यक्रम हुए। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। एसपी अभिनंदन, एएसपी महेंद्र प्रताप समेत पुलिस अधिकारी व कर्मी देर रात तक मौजूद रहे।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर जेल में सजी झांकी
बांदा। जेल में श्रीकृष्ण जमाष्टमी की धूम रही। जेल परिसर में स्थित मंदिर में श्रीकृष्ण-राधा की झांकी सजाई गई। उधर, जेल के अंदर श्रीकृष्ण भक्त बंदियों ने व्रत रखा और बैरक में भगवान की झांकी सजाकर पूजा की। भजन-कीर्तन के साथ जन्मोत्सव मन
ाया। जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया कि स्थानीय भजन मंडलियों ने भी कीर्तन में हिस्सा लिया। जेल में करीब 300 महिला-पुरुष बंदियों ने व्रत रखा। उन्हें फल, दूध, उबला आलू, चीनी आदि खाने को दिया गया। पूजन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। हालांकि, कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सामूहिक कार्यक्रम नहीं हुआ।
गौरा बाबाधाम में सजी झांकी
अतर्रा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर कई मंदिरों व घर-घर में झांकियां सजाई गईं। गौरा बाबा धाम मंदिर पर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में युवतियों सहित महंत पुरुषोत्तम दास, सत्यदास, धरमदास ने पूजन-अर्चन किया। इसी तरह बांदा रोड, बिसंडा रोड, बदौसा रोड, लेखपाल कालोनी आदि में राधा-कृष्ण की झांकी सजाई गई।
कान्हा के जन्म लेते ही झूम उठे भक्त
तिंदवारी। कस्बा समेत ग्रामीण इलाकों में कृष्ण जन्मोत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। शंख और घंटा-घड़ियाल गूंज उठे। व्रती भक्तों ने पूजन के बाद प्रसाद ग्रहण किया। अमर श्रीपरिवार द्वारा सजाई गई झांकी और भगवान का श्रृंगार मनमोहक रहा।
व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने बताया कि करीब सौ वर्षों से यहां जन्माष्टमी पर झांकी सजाई जा रही है। पिपरगवां, गोधनी, भुजरख, भुजौली, मूंगुस, परसौड़ा, गोखरही, महुई, छापर आदि में भी जन्मोत्सव की धूम रही।