बलरामपुर। धान बेचने का पोर्टल खोल दिया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक नवंबर से धान खरीदने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सरकारी केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को आधार व मोबाइल नंबर लिंक बैंक खाते से खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। ऑनलाइन पंजीकरण में किसानों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाली ओटीपी भरने के बाद ही पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होगी तभी धान खरीद में बिचौलियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
डिप्टी आरएमओ नरेंद्र कुमार तिवारी ने बीते दिन बताया कि जिले के सभी सरकारी केंद्रों पर एक नवंबर से धान की खरीदारी करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। खाद्य विभाग के पोर्टल पर धान बेचने वाले किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरु कर दिया गया है। ऐसे किसान जिन्होने पहले पंजीकरण कराया है उन्हें दोबारा पंजीकरण कराना होगा। सरकारी समर्थन मूल्य योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाता व खतौनी की कापी का ब्यौरा दर्ज कराना होगा ताकि उपज बिक्री का भुगतान किए जाने में कोई समस्या उत्पन्न न हो।
किसानों को जन सेवा केंद्रों पर पंजीकरण कराते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। आधार को बैंक खाते व मोबाइल नंबर से लिंक करा लें जिससे उपज के भुगतान में कोई अड़चन न आए। आधार नंबर व आधार में दर्ज मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को भरने के बाद पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होगी। इस बार किसानों को उनके आधार से लिंक बैंक खाते में ही भुगतान किया जाएगा। किसान जिस बैंक खाते में भुगतान प्राप्त करना चाहते हैं उसे आधार से लिंक करा लें। किसान पंजीकरण प्रपत्र में अपना वही मोबाइल नंबर दर्ज कराएं जो आधार से लिंक हो। इस बार 72 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत बढ़ाई गई है। क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले धान में 67 प्रतिशत चावल निकलना भी अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों को इस बार 1940 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान किया जाएगा।