फोटो-6-बलरामपुर के सीएचसी शिवपुरा का निरीक्षण करते सीएमओ डा. सुशील कुमार।(संवाद)
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शिवपुरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भारी अव्यवस्था पाई गई। निरीक्षण के दौरान दो डॉक्टर सहित सात कर्मचारी अस्पताल से गायब मिले। अस्पताल में अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। अस्पताल से गायब मिले दोनों डॉक्टरों सहित सभी कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इसीक्रम में मंगलवार को सीएचसी शिवपुरा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में चारो तरफ गंदगी पाई गई। अभिलेख व उपकरणों का रख रखाव भी सही नहीं पाया गया। डॉक्टरों के गायब रहने के कारण मरीज इलाज के लिए भटकते नजर आए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में डॉ. रिजवान, डॉ. आमिर, एलटी सुगंधराज, लैब टेक्नीशियन राम लखन चौधरी, नेत्र सहायक सैय्यद सालिब हुसैन, चीफ फार्मासिस्ट ईश्वरी प्रसाद उपाध्याय व स्वीपर राजेश नदारद मिले। दोनों डॉक्टरों के संबंध में बताया गया कि यह लोग बिना किसी सूचना के कई दिनों से अस्पताल नहीं आ रहे हैं। स्वीपर भी हमेशा गायब रहता है। नेत्र सहायक के संबंध में बताया गया कि वह बीमार है लेकिन उनकी तरफ से कोई भी प्रार्थना पत्र मौके पर नहीं मिला।
अस्पताल से गायब दोनों डाक्टरों सहित सभी कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। इन लोगों से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सीएमओ ने यह भी बताया कि सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजना का लाभ भी लाभार्थियों को नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल में प्रसूताओं को भोजन नहीं मिल रहा है। अस्पताल में अव्यवस्था का बोलबाला है। अधीक्षक की मनमानी के चलते लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में अव्यवस्था व लाभार्थियों को योजना का लाभ देने में लापरवाही बरते जाने को लेकर सीएचसी अधीक्षक प्रणव पांडेय से स्पष्टीकरण मांगा गया है।