फोटो-3-बलरामपुर के स्पोटर्स स्टेडियम में आयोजित हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेते बच्चे।(संवाद)
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। देश में ऐसे बहुत से लोग हुए हैं जिन्होंने अपने क्षेत्र में इतनी महारत हासिल की कि उनका नाम इतिहास के पन्नों में सदा के लिए दर्ज हो गया। भारत में हॉकी के स्वर्णिम युग के साक्षी मेजर ध्यानचंद का नाम भी ऐसे ही लोगों में शुमार है। विपक्षी खिलाड़ियों के कब्जे से गेंद छीनकर बिजली की तेजी से दौड़कर अपना लक्ष्य हासिल करने वाले ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ था। मेजर ध्यान चन्द्र के जन्मदिन को देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
यह बातें नगर के पायनियर पब्लिक स्कूल एंड कालेज में खेल दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रबंधक डा. एमपी तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है। उन्हें हॉकी के सबसे महान खिलाड़ी के तौर पर याद किया जाता है। उन्होंने साल 1928, 1932 और 1936 में तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते हैं। इस अवसर पर बलरामपुर स्पोर्ट स्टेडियम बलरामपुर में हॉकी खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई।
पायनियर पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज के छात्रों ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पीटीआई विजयलक्ष्मी पांडे टीम कोच के साथ विद्यालय के छात्र यस सिंह, प्रियश प्रसून मिश्रा, विशेष सिंह, अजीमुद्दीन, अमित कुमार चौधरी, श्लोक कसौधन, आर्यन श्रीवास्तव, ईशान पांडे, अश्विनी विश्वकर्मा व श्रेयस्कर सिंह आदि बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. पीएन तिवारी, कोषाध्यक्ष मीता तिवारी व सह निर्देशक आकाश तिवारी ने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए छात्रों को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया।