चांदपुर स्थित विधायक के आवास पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष साहनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्वांचल के अध्यक्ष राजाराम बिंद, चुनाव प्रभारी उमेश साहनी आदि पहुंचकर सुरेंद्र सिंह को पार्टी में शामिल कराया। संतोष साहनी ने कहा कि चुनाव में हम मजबूती के साथ 165 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। अभी तक हमने 84 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा भाजपा में मेरे साथ धोखा हुआ है। नौ सर्वे में मेरी रिपोर्ट सही थी। भूमाफिया को जमीन कब्जा करने नहीं दिया तो मेरा टिकट काट दिया गया। कहा कि द्वाबा से भाजपा की जमानत जब्त करा दूंगा। बता दें कि बैरिया के सिटिंग विधायक सुरेंद्र सिंह का टिकट काटकर राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल को भाजपा ने प्रत्याशी घोषित किया है। इस सीट से सपा ने जय प्रकाश अंचल को प्रत्याशी बनाया है। बलिया में छठे चरण में तीन मार्च को मतदान है।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते विधायक सुरेंद्र सिंह।
- फोटो : फाइल
विधायक सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा था कि द्वाबा की जनता के टिकट पर मैं चुनाव लड़ूंगा। किसी दल से टिकट मांगने नहीं जाएंगे। दावा किया था कि बीजेपी बलिया की सभी सीटें हारेगी। बैरिया से यूपी सरकार के मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल के प्रत्याशी बनाए जाने पर उन्होंने तंज कसा था कि बलिया नगर से रिजेक्टेड प्रत्याशी, बैरिया में सेलेक्ट हो गया।
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आगे कहा था कि बलिया में लड़ाई सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और मेरे चरित्र के बीच है। मैं बीजेपी से इस्तीफा दे चुका हूं। बलिया का टिकट दिल्ली से नहीं यहां की जनता के दिल से बंटता है। अक्षम लोगों को टिकट देकर भाजपा ने अपने दिमागी दिवालियापन का परिचय दिया है, जिसका रिजल्ट 10 मार्च को उसके सामने होगा और बलिया में भाजपा का खाता नहीं खुलेगा।
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