बलिया। शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक धूल और धुएं के गुबार से लोगों का दम घूंट रहा है। सरकारी अस्पताल से प्राइवेट अस्पतालों में सांस, आंख एवं अन्य रोगियों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों के अनुसार, आंख में जलन, नाक में खुजली और सांस फूलने जैसी बीमारी से परेशान अधिक लोग इलाज के लिए आ रहे हैं। ऐसा धूल और धुएं के कारण भी हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार, दिवाली के बाद वायु प्रदूषण जिले में बढ़ा है। इसके बाद भी प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से जनपद में इसकी जांच के लिए एक भी स्थान पर व्यवस्था नहीं की गई है।
शहर में खटारा वाहनों के धुएं और ग्रामीण अंचल में जीर्णशीर्ण सड़कों पर उड़ती धूल के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। प्रदूषण और मौसम के कारण एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की परेशानी भी बढ़ गई है। धूल और धुएं से आंख में जलन, नाक में खुजली के साथ पानी आना तथा छींक की समस्या उत्पन्न हो जा रही है। कुछ लोगों में सांस की भी दिक्कत शुरू हो जा रही है। इतना ही नहीं, खांसी और बलगम की समस्या आ रही है। इस तरह की शिकायत लेकर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर रोज औसतन 60 से 70 मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं, प्राइवेट चिकित्सकों के पास भी इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, चिकित्सक मरीजों को बचाव के साथ ही समय से दवा लेने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि शनिवार को जनपद में वायु प्रदूषण 206 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो रेड जोन में आता है।