बलिया। जिले में दलहन की खेती करने वाले किसानों के दिन बहुरने वाले है। इसके लिए जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय और कानपुर की एक गैर सरकारी संस्था के बीच सहमति पत्र (एमओयू) पर शीघ्र ही हस्तक्षर किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने बताया कि लिविंग लिजेंड आफ बलिया और कानपुर निवासी अवनींद्र कुमार सिंह ने विश्वविद्यालय से सकारात्मक पहल की है। बताया कि एमओयू हस्तक्षार होने के बाद सिंह की संस्था विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से जिले में दलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध करानें के साथ ही उन्नत खेती का हुनर सिखायेगी, जिससे किसानों की आय में इजाफा होगा। इसके लिए लगातार ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाया जाएगा। कुलपति ने बताया कि जेएनसीयू ने ग्रामीण विकास के लिए हाल ही में डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर एमओयू साइन किया है। इसके तहत तीन डीन की नियुक्ति भी की गई है, जो रुलर साइंसेज, वोकेशनल स्टडीज और परफार्मिंग विजुअल के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। अफसोस जताते हुए उन्होंने कहा कि इलाकाई गांवों के प्रधान विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किसानों के कल्याणकारी योजनाओं के संचालन में रुचि नहीं लेते है, जिससे योजना को अमली जामा पहनाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उसका त्वरित लाभ किसानों को नहीं मिल पाता है।
जेएनसीयू में होगी एमएससी फिसरिज की पढ़ाई
कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने विश्वविद्यालय के विकास को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई और कहा कि 22 जून 2022 तक कैंपस में पांच एकेडमिक भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद से बारिश और बाढ़ के बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कार्यक्रम निर्बाध संचालित होते रहेंगे। ग्रामीण विकास केंद्र कार्य करना शुरू कर देगा। कहा विश्वविद्यालय में पहले से चल रहे पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त पांच नये डिप्लोमा पाठ्यक्रम इस वर्ष आरंभ किये गए हैं और बीएससी एवं एमएससी कृषि, पीजी डिप्लोमा, एमएससी फिसरिज पाठ्यक्रम भी इसी वर्ष शुरू होने की उम्मीद है।