पूर्व विधायक और भाजपा नेता राम इकबाल सिंह ने अपनी ही सरकार को किसान और बेरोजगार विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार 2022 में आय दोगुनी करने के बजाय किसानों की उपेक्षा कर रही है। लगातार बारिश व बाढ़ से बलिया के किसान तबाह हो चुके हैं। अभी तक उन्हें क्षतिपूर्ति नहीं दी गई। अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं।
पूर्व विधायक ने शनिवार को बलिया के नगरा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि किसानों के लिए खेती घाटे का सौदा बन गई है। डीएपी और एनपीके उर्वरक के दामों में वृद्धि कर दी गई है। सरकारी समितियों से डीएपी गायब है। डीजल के मूल्य में हुई बेतहाशा वृद्धि से खेतों की जुताई, फसल की कटाई, मड़ाई महंगी हो चुकी है।
सरकार ने 70 रुपये प्रति क्विंटल धान का खरीद मूल्य बढ़ाया है जो नाकाफी है। सपा-सुभासपा गठबंधन पर कहा कि ओमप्रकाश राजभर की ताकत को कम कर आंकना भाजपा की भूल है। ओमप्रकाश राजभर को सबक सिखाने की जिम्मेदारी भाजपा ने उनके ही बिरादरी के आयातित दो नेताओं को दी थी लेकिन वे दोनों ओमप्रकाश के सामने बौने साबित होकर उपहास के पात्र बन चुके हैं।
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