बलिया। पुत्र की दीर्घायु के लिए नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने बुधवार को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा। इस दौरान शाम को स्नान कर व्रती महिलाओं ने नए वस्त्र धारण कर मंदिर तथा अपने-अपने घरों में पूजन अर्चन किया। इसके साथ ही पुरोहित से कथा श्रवण किया। इसके पूर्व महिलाओं ने धागे में गुथी जिउतिया गले में पहना।
महिलाएं बृहस्पतिवार को प्रसाद ग्रहण कर पारण करेंगी। जीवित्पुत्रिका पर्व को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं ने रात 12 बजे के बाद से ही निर्जला व्रत रखा। नगर के मुख्य बाजार से लेकर क्षेत्र के विभिन्न चट्टी-चौराहों और बाजारों में बुधवार को भी धागे में सोने और चांदी का जिउतिया गुथवाया। वहीं, शाम को स्नान कर नए वस्त्र धारण किया तथा धागे में गुथी जिउतिया गले में पहनकर मंदिर या अपने घरों में स्वयं या पुरोहित से कथा श्रवण किया। पूजन अर्चन करने के बाद अपने-अपने बच्चों के गले में जिउतिया पहनाकर पुन: पहना।