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खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों ने चौपट किया घर का बजट

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09 बीएचआर 08 - एडवायजरी- बहराइच में किराना की दुकान पर खरीददारी करतीं महिलाएं। - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। खाद्य पदार्थों की कीमतों में एक वर्ष में काफी उछाल आया है जिससे रसोई का बजट गड़बड़ हो गया है। सबसे अधिक महंगाई सरसों के तेल में देखने को मिल रही है। एक लीटर पर 40 से 45 रुपये बढ़ोतरी हुई है। बढ़ रही महंगाई से बचने के लिए महिलाएं बचत के उपाय खोजने लगी हैं।
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देश के साथ जिले में भी कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए वर्ष 2020 के मार्च माह में 22 तारीख को जनता कर्फ्यू लगा दिया गया था। इसके बाद से 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था। लॉकडाउन का असर रोजमर्रा में उपयोग की जाने वाली वस्तुओं पर सबसे अधिक दिखा। लॉकडाउन का असर रहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतें अचानक आसमान छूने लगीं। महंगाई का असर घरों में रसोई के बजट पर भी दिखने लगा है। खाने में जिनके यहां अधिक तेल का प्रयोग होता था, वे अब बचत के उपाय खोजने लगे हैं। आलम यह है कि एक लीटर सरसों के तेल को 15 दिन से अधिक चलाने की कवायद कर महिलाएं कर रही हैं।
इसके अलावा महिलाएं रसोई में अन्य कटौती कर बचत करतीं दिख रही हैं। सबसे अधिक बढ़ोतरी सरसों के तेल में हुई है। डिगिहा निवासी किराना व्यवसायी आशीष कुमार ने बताया कि एक वर्ष पूर्व किराने की दुकान पर 135 रुपये लीटर बिकने वाला सरसों का तेल आज 180 रुपये पर पहुंच गया है जबकि 110 रुपये लीटर बिकने वाला रिफाइंड ऑयल 155 रुपये लीटर पहुंच गया है। यही हाल आटा, दाल, चावल व चना का है। खाद्य पदार्थों में बेतहाशा हो रही बढ़ोतरी से महिलाओं के साथ परिवार के लोग भी परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कत मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों को हो रही है।
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शहर के मोहल्ला रायपुर राजा निवासी गृहणी रजनी सिंह का कहना है कि सबसे अधिक कीमत बढ़ोतरी तेल में हुई है। इसके लिए सरकार को कुछ करना चाहिए। मोहल्ला सखैयापुरा निवासी सावित्री वर्मा ने कहा कि महंगाई का असर परिवार पर साफ दिख रहा है, लेकिन परिवार चलाने के लिए महंगा सामान खरीदना मजबूरी है। नानपारा तहसील अंतर्गत जमोग बाजार निवासी जीनत परवीन और चरदा निवासी नगमा का कहना है कि महंगाई बहुत अधिक हो गई है। ऐसे में रसोई के बजट को कैसे कम किया जाए, इसके लिए हर सप्ताह परिवार में चर्चा करनी पड़ती है। महिलाओं ने कहा कि सरकार को महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए कुछ करना चाहिए।
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वर्ष वस्तु मूल्य वर्ष वस्तु मूल्य
2020 आटा 25रु/किलो 2021 आटा 29रु/किलो
2020 चावल 32रु/किलो 2021 चावल 34रु/किलो
2020 अरहर दाल 100रु/किलो 2021 अरहर दाल 105रु/किलो
2020 सरसों तेल 135रु/किलो 2021 सरसों तेल 180रु/किलो
2020 रिफाइंड 110रु/किलो 2021 रिफाइंड 155रु/किलो
2020 मैदा 28रु/किलो 2021 मैदा 30रु/किलो
2020 सूजी 26रु/किलो 2021 सूजी 30रु/किलो
2020 मसूर दाल 85रु/किलो 2021 मसूर दाल 90रु/किलो
2020 चना 65रु/किलो 2021 चना 70 रु/किलो
2020 मटर 70 रु/किलो 2021 मटर 80रु/किलो
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