बिनौली। श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र बरनावा के तत्वावधान में रविवार को जैन अनुयायियों ने भगवान चंद्र प्रभु की वार्षिक रथयात्रा धूमधाम से निकाली।
मंदिर परिसर में प्रात:काल अक्षतमति माता के सानिध्य और पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री के निर्देशन में कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय प्रबंधक केनरा बैंक राजीव जैन ने ध्वजारोहण कर किया। कार्यक्रम में हुई बोलियों में सौधर्म इंद्र प्रदीप जैन, अर्पित, सारथी रजनीश जैन, राजीव जैन, कुबेर इंद्र प्रेमचंद जैन, प्रवीण जैन, ईशान इंद्र जितेंद्र जैन, अरुण जैन, महेंद्र इंद्र बनने का सौभाग्य विनेश जैन, अशोक जैन को प्राप्त हुआ। भगवान श्री के चित्रों का अनावरण दीप प्रज्ज्वलित व अतिथियों का स्वागत सतीश जैन, अमित जैन ने किया। विक्की एंड पार्टी की ओर से मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मंच संचालन महामंत्री पंकज जैन ने किया। रथयात्रा मंदिर से बैंडबाजों के साथ शुरू होकर गांव के मुख्य मार्गों से होकर पांडुक शिला स्थल स्थित सुमेरु पर्वत पहुंची। यहां भगवान श्री का मंत्रोचारण के बीच अभिषेक किया गया। रथयात्रा में अध्यक्ष जीवंधर जैन, विनेश जैन, संदीप जैन, आलोक जैन, अरुण जैन, विनोद जैन, मोहित जैन विशाल जैन आदि का सहयोग रहा।
विश्व शांति की कामना के साथ विधान का समापन
बिनौली। बरनावा के श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में कोरोना से रक्षार्थ चल रहे 41 दिवसीय शांतिनाथ विधान का समापन हो गया। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने विश्व शांति की कामना की। पंडित प्रदीप पीयूष शास्त्री ने कहा कि दो हाथों से हम 10 लोगों को भी हरा नहीं सकते, लेकिन दो हाथों को जोड़कर हम सैकड़ों लोगों को दिल जीत सकते हैं। रिश्तो को निभाने में कभी गूंगा कभी बहरा कभी अंधा भी बनना पड़ता है। जिस इंसान के पास समाधान करने की शक्ति जितनी ज्यादा होती है, उसके रिश्तों का दायरा उतना ही विशाल होता है। ऊंचाई पर वह लोग पहुंचते हैं जो बदला लेने की नहीं बदलाव लाने की सोच रखते हैं।