अग्रवाल मंडी टटीरी। दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड इकोनामिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहीत जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कृष्णपाल चेयरमैन के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह से मिला। सांसद ने 15 अक्तूबर को बिजरौल में होने वाली बैठक में समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
यशपाल प्रधान बिजरौल ने बताया कि किस तरह से जलालपुर, लोहड्डा, गुराना की भूमि बड़ौत से सटी होने के कारण मार्केट रेट बहुत अधिक है। क्योंकि यह भूमि व्यवसायिक है, जबकि जिला प्रशासन बहुत कम रेट देना चाहता है। टीकरी कस्बे की भूमि को शहरी मान कर केवल दोगुना मुआवजा दिया जा रहा है। इस तरह से टीकरी के किसानों को जिले में सबसे कम मुआवजा दिया जाएगा। यह किसानों के साथ अन्याय है। कृष्णपाल चेयरमैन ने सांसद को सर्विस रोड नहीं देने, अंडरपास, विद्युत लाइन शिफ्टिंग, नलकूप शिफ्टिंग, जल निकासी आदि समस्याओं से अवगत कराया। मनोज आर्य एडवोकेट ने कहा कि कुछ किसानों को अधिकारी गलत तरीके से मुआवजा देना चाहते है, जबकि अधिग्रहीत भूमि नगर पंचायत की सीमा से बाहर है। सांसद डा. सत्यपाल सिंह ने कहा कि 15 अक्टूबर को वह बिजरौल में एक स्कूल में एनएचएआई व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। उसमें किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा। इस दौरान राजीव तोमर, तरस पाल आर्य, स्वराज सिंह, आजाद आर्य, अनु प्रताप राठी, अशोक राठी आदि लोग मौजूद रहे।