बागपत में सट्टेबाज गिरोह के सरगना शाहिद उर्फ सेवा को अदालत ने एनडीपीएस एक्ट में दो साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
विशेष लोक अभियोजक दिनेश शर्मा और दीपक शर्मा के अनुसार 26 अक्तूबर 2012 को बागपत कोतवाली के तत्कालीन थानाध्यक्ष आरके यादव ने सट्टे की खाईबाड़ी करने और चरस बेचने का एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि सूचना पर ब्लॉक कार्यालय के पास खाली पड़ी जमीन में एक व्यक्ति को चरस बेचने और सट्टे की खाईबाड़ी करते हुए पकड़ा। व्यक्ति ने अपना नाम शाहिद उर्फ सेवा निवासी मोहल्ला मुगलपुरा बागपत बताया। उसके पास से 300 ग्राम चरस के अलावा सट्टा पर्ची, मोबाइल व 7560 रुपये बरामद दिखाए गए थे। पुलिस ने उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र भेज दिया।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी 2/विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट चंचल की अदालत में चल रही थी। विशेष लोक अभियोजक दिनेश शर्मा के अनुसार अदालत ने शाहिद उर्फ सेवा को अवैध रूप से चरस बेचने का दोषी माना है। इसमें दो साल कैद की सजा सुनाने के साथ ही बीस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
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शाहिद पर आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे, गिरोह में सुमित साथी
शाहिद उर्फ सेवा को चरस बेचने के मामले में सजा हुई है। पुलिस के मुताबिक उस पर सट्टे की खाईबाड़ी के आधा दर्जन अन्य मुकदमे दर्ज है। वकील दिनेश कुमार शर्मा के अनुसार इस पर पिछले दिनों भी मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें वॉकी टॉकी भी बरामद हुए थे। गिरोह को चलाने वाले साथी सुमित पर भी मुकदमा हुआ था।
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