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आजमगढ़ में समस्या: 220 से अधिक सरकारी स्कूलों में भरा पानी, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित, बाढ़ और जलभराव से स्कूल बंद

Tue, 05 Oct 2021 04:54 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
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पानी के बीच से होकर गुजरते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़ में बाढ़ और जलभराव के कारण परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई बंद हो गई है। बाढ़ प्रभावित और जलभराव की समस्या जूझ रहे स्कूलों में ताला लटका हुआ है। हालांकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सोमवार व मंगलवार को विद्यालय बंद करने के आदेश दिए हैं। वहीं डीआईओएस ने भी जलभराव की समस्या से जूझ रहे स्कूलों को दो दिनों तक बंद करने के निर्देश दिए हैं।

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कोरोना काल में मार्च 2021 के अंतिम सप्ताह से ही स्कूल बंद था। करीब साढे चार महीने बाद स्कूलों को 16 अगस्त 2021 से खोला गया। जहां पठन पाठन का कार्य शुरू है। अब बारिश के पानी व बाढ़ प्रभावित इलाकों के स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

ये इलाके प्रभावित
विभाग के अनुसार, देवारा क्षेत्र, हरैया, महराजगंज और कोलघाट समेत अन्य क्षेत्रों का इलाका बाढ़ प्रभावित है। कई स्कूलों के प्रांगण में पानी भी घुस गया है। ऐसे करीब 220 से अधिक परिषदीय विद्यालय हैं जो जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। माना जा रहा है कि बहुतायत विद्यालयों में जलभराव की समस्या बरकरार है। वहीं सैकड़ों विद्यालयों में पानी भरा हुआ है, जिससे पठन-पाठन प्रभावित है।

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विद्यालयों में पितृ विसर्जन का अवकाश घोषित

डीएम के निर्देश पर जनपद में बेसिक से संचालित कक्षा एक से आठ तक के सभी परिषदीय विद्यालयों में छह अक्तूबर तक अवकाश घोषित किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जनपद में संचालित परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पितृ विसर्जन का अवकाश घोषित किया गया है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में व जलजमाव की समस्या से हर ब्लाकों में स्कूल प्रभावित हैं। ऐसे में दो दिनों के लिए स्कूलों को बंद किया गया है। जलजमाव की समस्या से जूझ रहे विद्यालयों को अभी बंद ही रखा जाएगा। जहां तक रही पढ़ाई की बात तो पास के विद्यालयों में कक्षाएं संचालित की जाएंगी। ताकि बच्चे पढ़ाई कर सकें।
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