दिबियापुर/औरैया। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को बिधूना बीआरसी के सहायक लेखाकार की डेंगू से इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, चार गांवों में लोगों के बीमार होने की सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने इलाज कर जांच के लिए सैंपल लिए।
बिधूना बीआरसी में सहायक लेखाकार के पद पर तैनात संजय पाल (41) निवासी लोहियानगर को नौ नवंबर को बुखार आया था। दवा लेने पर 11 नवंबर को बुखार में आराम मिला, लेकिन 13 नवंबर को पेट में सूजन व घबराहट बढ़ गई। परिवार के सदस्य शिक्षक अजय पाल के अनुसार इसके बाद कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। इस कारण लीवर व किडनी निष्क्रिय हो गए और मुंह से लगातार खून आने लगा। बुधवार रात लगभग साढ़े नौ बजे संजय की मृत्यु हो गई। परिजनों के मुताबिक वह संविदा पर तैनात थे। बीमारी के दौरान जिले भर के शिक्षकों ने आर्थिक सहयोग किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को जो एलाएजा के सैंपल जांच के लिए सैफई भेजे गए हैं। उनमें एक भी सैंपल की रिपोर्ट डेंगू संक्रमित नहीं आई है। हालांकि संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं हैं। बताया कि डेंगू संक्रमण से बचाव के लिए टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रहीं हैं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि बीमार ग्रामीणों की सूचना पर चार गांवों अकबरपुर, सेंगनपुर, जुहीखा, उमरैन में स्वास्थ्य टीमें पहुंचीं। जहां 197 मरीजों का उपचार किया गया और उन्हें निशुल्क दवाएं दीं गईं। इधर, 50 शय्या जिला संयुक्त चिकित्सालय में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या 400 के करीब रही। यहां पहुंचे डेंगू के लक्षण वाले पांच मरीजों को भर्ती किया गया। जिनका दोपहर तक उपचार चला। दोपहर बाद मरीजों को आराम मिलने पर उन्हें घर भेजा गया।
204 सेंटरों पर 8870 लोगों का लगा टीका
औरैया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में गुरुवार को जिले में 204 सेंटरों पर टीकाकरण हुआ। जिसमें 8870 लाभार्थियों ने वैक्सीन लगवाई। डॉ. देव नरायन ने बताया कि अब तक जिले में कुल टीकाकरण कराने वाले लाभार्थियों की संख्या आठ लाख 82 हजार 689 हो गई है। जिसमें छह लाख 45 हजार 761 लाभार्थियों ने पहली और दो लाख 36 हजार 928 लाभार्थियों ने दोनों डोज लगवाई है। (संवाद)