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फसल चट कर रहे अन्ना मवेशी

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फोटो-10एयूआरपी-9-नगला पाठक द्वारिकापुर रोड के एक खेत में दिन में सरसों की फसल खाते मवेशी। संवाद - फोटो : AURAIYA
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फफूंद (औरैया) ग्रामीण क्षेत्रों में अन्ना मवेशी किसानों के लिए मुसीबत बने हैं। इन दिनों खेतों में खड़ी फसलों को दिन और रात मवेशी चट कर रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल कैसे बचाई जाए, ये सोचकर किसान परेशान हैं।
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क्षेत्र के तमाम गांवों में घूम रहे मवेशियों से किसान परेशान हैं। मवेशी खेतों में घुसकर अब तक सैकड़ों बीघे बाजरा, सरसों आदि की फसल चट कर चुके हैं। किसान पहले से ही फसलों की लेट बुवाई से परेशान हैं। ऊपर से मवेशियों ने उनकी फसलें बर्बाद कर कहीं का नहीं छोड़ा है।
फफूंद क्षेत्र के गांव सिंगलामऊ, रोशनपुर, लड़ैयापुर, द्वारिकापुर, नगला पाठक, खोयला, मुढ़ी, महतेपुर, सरैया, बमहौरि, देवरपुर समेत लगभग दो सौ गांव के किसान अन्ना मवेशियों से बेहाल हैं। किसान अरविंद कुमार, बंटू बाबू, चंद्रशेखर, रमेश चंद्र, राम सिंह, सुबोध आदि ने बताया कि उनके क्षेत्र में अन्ना मवेशियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। बाजरा की पकी खड़ी फसलों को चर रहे हैं। जिनसे रखवाली के लिए सर्द रातों में सारी रात खेतों पर रखवाली करनी पड़ रही है।
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गोशालाओं से छोड़े जाते गोवंश
अन्ना घूम रहे मवेशियों के नुकसान से आक्रोशित किसान रामबाबू, नरेंद्र सिंह, चंद्रबाबू, राजाराम आदि ने बताया कि कुछ जगहों की गोशालाओं से तमाम मवेशी छोड़ दिए गए हैं। जिन्होंने आसपास डेरा जमा लिया है। रात-दिन फसलों को चरकर नुकसान पहुंचा रहे हैं, तमाम बार पोर्टल पर भी शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला, बल्कि मवेशियों की तादाद और बढ़ गई है।
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