दहशतजदा ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर बिताई। वन विभाग की टीम के नहीं पहुंचने से लोगों में रोष व्याप्त है। गांव चाकी खेड़ा में धनौरा हाईवे के किनारे रविवार की सुबह नौ बजे हरज्ञान सिंह के बाजरे के खेत में तेंदुआ देखा गया था।
इस पर धनौरा रेंज के रेंजर इकबाल खान और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान को देखकर लौट गई थी। टीम के जाने के बाद तेंदुए के बाजरे के खेत से बाहर आने पर तमाम ग्रामीणों ने देखा। अमर उजाला के कैमरे में भी तेंदुआ कैद हो गया था। इसके बावजूद वन विभाग की टीम न तो दोबारा मौके पर पहुंची और न ही तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए।
इतना ही नहीं रविवार की देर शाम पड़ोस के गांव तारापुर में अलग-अलग स्थानों पर दो तेंदुए देखे गए थे। बाजरे के खेत से भी तेंदुए के शावकों की आवाज ग्रामीणों ने सुनी थी। सोमवार की सुबह ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर हरज्ञान का बाजरे का खेत खंगाल दिया लेकिन वहां शावक नहीं मिले। वहीं क्षेत्र में तेंदुओं की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। रात भर छतों पर जाग कर ग्रामीणों ने पहरा देकर रात गुजारी।
सोमवार को ग्रामीण खेतों पर भी नहीं गए। खेतों पर सन्नाटा पसरा रहा।
बाग से किसान का इंजन चोरी ःतेंदुए के खौफ से रात में आम के बाग में न सोने पर चोर इंजन खोल कर ले गए। गांव चाकी खेड़ा के जयपाल पुत्र फूल सिंह का हरज्ञान के खेत के सामने ही सड़क पार आम का बाग है। उन्होंने कुमराला चौकी पुलिस को तहरीर दे दी है।