अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने पुलिस लाइन की भूमि पर 17 अक्तूबर को किसान महापंचायत कराने का संकल्प दोहराया है। किसानों का आरोप है कि पंचायत रोकने के लिए प्रशासन ने पुलिस लाइन में खाई खुदवा दी। मामले में जिलाध्यक्ष का दावा है कि कुछ भी हो जाए महापंचायत वहीं होगी। किसान नेताओं ने कहा कि सामने के मैदान में महापंचायत करा सकते हैं। किसानों के इस एलान से टकराव बढ़ सकता है। प्रशासन और पुलिस बीच का रास्ता ढूंढने में जुटी हैं लेकिन किसान नेताओं के तेवर देख फिलहाल बैकफुट पर है।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने मुख्यमंत्री के पुलिस लाइन की भूमि की शिलान्यास के अगले दिन उसी भूमि पर किसान संयुक्त मोर्चा की किसान महापंचायत का एलान कर दिया था। इससे प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने किसान महा पंचायत के लिए इस जगह पर कराने के मूड में नहीं है दरअसल इससे सीधे शासन को चुनौती का मामला बन रहा है। प्रशासन पुलिस लाइन को छोड़कर कहीं अन्य स्थान पर महापंचायत करने को कह रहा है। जबकि भाकियू नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने पंचायत रोकने के लिए पुलिस लाइन की जमीन पर खाई खुदवा दी।
किसान नेताओं ने खुले तौर पर कहा भी कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर ही किसान महा पंचायत होगी। इसके बाद प्रशासन और पुलिस तंत्र में हड़कंप है। प्रशासनिक और पुलिस तंत्र वहां पर कार्यक्रम नहीं करने पर अडिग है जबकि किसान नेता उसी भूमि पर महा पंचायत का ऐलान कर रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह ने शनिवार को कहा कि किसान महा पंचायत हर हाल में वहीं होगी जहां पर पुलिस ने खुदाई कराई है। खुदी हुई जगह को पॉर्किंग के तौर पर इस्तेमाल करेंगे। पंचायत उसके सामने के मैदान में कर सकते हैं लेकिन किसान महापंचायत जरूर होगी।