अंबेडकरनगर। अधिशासी अधिकारी के रवैये से नाराज होकर धरने पर बैठने वाली अकबरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता उनके निलंबन की मांग पर डट गईं हैं। उन्होंने शनिवार को टांडा व आलापुर विधायक को साथ लेकर डीएम सैमुअल पॉल एन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ईओ के मौजूदा रुख के चलते उनके साथ सुचारु ढंग से काम कर पाना संभव नहीं है। अध्यक्ष ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अड़ंगेेबाजी स्वीकार्य नहीं होगी। प्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए रकम भेज रही है, लेकिन उसमें जानबूझकर व्यवधान पैदा करना अत्यंत अनुचित व आपत्तिजनक है।
अकबरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सरिता गुप्ता नगर परिषद कार्यालय में ही शुक्रवार को अधिशासी अधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गई थीं। उनका आरोप था कि सामुदायिक शौचालयों में संविदा पर तैनात 29 कर्मियों के मानदेय भुगतान पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं। इसके लिए जब अधिशासी अधिकारी बीना सिंह को अपने कक्ष में बुलाया तो आने के बाद वे अभद्र ढंग से आचरण करते हुए पत्रावली फेंक कर चली गईं। इसी से नाराज होकर अध्यक्ष ने धरना शुरू कर दिया था। उन्हें मनाने की तमाम कोशिश एसडीएम व सीओ से लेकर एडीएम तक ने की, लेकिन वे डीएम को मौके पर आने की मांग पर डटी थीं। अंतत: रात करीब 11 बजे डीएम सैमुअल पॉल एन व एसपी आलोक प्रियदर्शी नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। वहां डीएम ने अध्यक्ष का ज्ञापन लिया। इसके बाद अध्यक्ष ने अपना धरना समाप्त किया था।
इस बीच शनिवार को टांडा विधायक संजू देवी, आलापुर विधायक अनीता कमल व भाजपा नेता मनोज गुप्त के साथ अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम सैमुअल पॉल एन से मुलाकात की। इसमें उन्होंने कहा कि अधिशाषी अधिकारी का रवैया अत्यंत अनुचित है। वे सभी तरह के कार्यों को लंबित रखकर विकास कार्य में बाधा उत्पन्न कर रही हैं। इससे भाजपा सरकार की छवि धूमिल हो रही है। अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक जिस तरह से सामुदायिक शौचालयों के कर्मियों का भुगतान हो रहा था, उसी तरह या फिर अन्य किसी मद से भुगतान किया जाए। क्योंकि सफाई व्यवस्था शासन की प्राथमिकता में है। अध्यक्ष ने कहा कि किसी अदृश्य काम के नाम पर भुगतान की बात नहीं की जा रही है।
सफाई व्यवस्था पर जोर सीएम से लेकर पीएम तक दे रहे हैं। उसी क्रम में यहां भी काम हो रहा है। इसमें अड़ंगेबाजी कतई उचित नहीं है। ठेकेदारों के लंबित भुगतान का जिक्र करते हुए कहा कि जब काम पूरा हो गया है। उसका सत्यापन हो गया है तो फिर भुगताना में क्या दिक्कत है। कई अन्य तरह के भुगतान लंबित रखने का जिक्र करते हुए कहा कि भुगतान लंबित रखने के पीछे की मंशा साफ समझी जा सकती है। अध्यक्ष ने सभासदों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन देते हुए कहा कि अधिशासी अधिकारी के विरुद्घ कठोरतम कार्रवाई कराई जाए। डीएम ने अध्यक्ष से कहा कि जो भी नियमानुसार होगा, वह सुनिश्चित कराया जाएगा। नियमों के अनुरूप ही कोई भी कार्य होगा। उधर, डीएम से मिलने के बाद अध्यक्ष सरिता गुप्ता ने कहा कि पूरा प्रकरण जल्द ही आयुक्त के संज्ञान में लाया जाएगा। इसके साथ ही जिले के प्रभारी मंत्री से मिलकर शासन की छवि धूमिल करने के प्रयासों की जानकारी दी जाएगी।