अंबेडकरनगर। जिले के 1 लाख 68 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का इंतजार बना हुआ है। लोकसभा चुनाव के पहले लगभग सवा लाख किसान ही सौभाग्यशाली रहे, जिन्हें इस योजना का लाभ मिल पाया। चुनाव का दौर समाप्त होने तथा आचार संहिता हट जाने के बाद भी डेढ़ लाख किसान ऐसे हैं, जो लगातार योजना का लाभ पाने को लेकर सरकार व स्थानीय प्रशासन की तरफ टकटकी लगाए हुए हैं। इनमें से कई किसान ऐसे हैं, जो अक्सर कृषि विभाग कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें लगता है कि कहीं ऐसा न हो कि पैरवी के अभाव में उनका नाम योजना का लाभ पाने वाले लोगों की सूची में फिर न छूट जाए। इसी आशंका में वे एड़ियां घिसने को विवश हैं।
लोकसभा चुनाव के पहले केन्द्र सरकार ने किसानों को पेंशन देने की महत्वपूर्ण घोषणा की थी। पूरे देश में प्रशासनिक मशीनरी को उन किसानों को सूचीबद्घ करने में लगा दिया गया, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम कृषि भूमि थी। बाद में इस सीमा में छूट की भी घोषणा हुई। उधर कुल 3 लाख 39 हजार 584 किसानों के सापेक्ष 2 लाख 95 हजार 422 किसानों का रजिस्ट्रेशन योजना के तहत कर लिया गया। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगती इससे पहले ही 1 लाख 27 हजार 142 किसानों को योजना का लाभ मिल गया। ऐसे किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इन किसानों में से लगभग एक लाख किसानों के खाते में 2-2 किस्त पहुंच गई।
दोनों किस्तों को मिलाकर किसानों को कुल चार हजार रुपए का लाभ मिला। इसी बीच आदर्श आचार संहिता लग गई, जिससे शेष किसानों को तत्काल योजना के तहत धनराशि मिलने की उम्मीद टूट गई। यह बात अलग है कि आदर्श आचार संहिता समाप्त हुए लगभग डेढ़ माह का समय बीत गया, लेकिन किसानों को धनराशि का इंतजार बना हुआ है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि ऐसे किसान तमाम उम्मीदें लिए प्रतिदिन कृषि विभाग कार्यालय पहुंचते हैं, जहां से उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता है।
मसड़ा मोहनपुर निवासी किसान केदारनाथ का कहना था कि वह योजना का लाभ पाने के लिए लगातार चक्कर लगा रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले मुझे योजना का लाभ नहीं मिला। अप्रैल माह में रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन अब तक योजना के तहत धनराशि नहीं मिल पायी। बड़ी उम्मीद में कृषि विभाग कार्यालय आता हूं, लेकिन हर बार निराश होकर वापस लौटना पड़ता।
चकिया दामोदरपुर निवासी किसान चंडी प्रसाद मिश्र बुधवार को कृषि विभाग कार्यालय में मिले। बताया कि योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराने के बाद से कार्यालय का चक्कर लगाने की मजबूरी बनी है। शुरुआती दौर में लेखपाल ने आश्वासन दिया था कि सूची में नाम भेजा है। कहा गया था कि आचार संहिता समाप्त होते ही लाभ मिल जाएगा, लेकिन डेढ़ माह बाद तक कुछ नहीं हुआ।
जहांगीरगंज निवासी किसान यशवंत बुधवार को किसान सम्मान निधि के बावत कृषि विभाग कार्यालय पांचवी बार पहुंचे थे। बताया कि पहले जो सूची तैयार की गई थी, उसमें नाम था परन्तु पैसा नहीं मिला। चुनाव खत्म होने के बाद पैसा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक खाते में धनराशि नहीं पहुंची। आज फिर से कार्यालय आया हूं, लेकिन कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
कोड़रा निवासी रामचेत भी किसान सम्मान निधि का लाभ पाने के लिए बैंक व कृषि कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। दो माह पहले रजिस्ट्रेशन कराया था। बुधवार को वह कृषि विभाग कार्यालय में अपना नाम सूची में होने की पुष्टि करने आए थे। कहा कि जिन्हें नहीं मिल पायी, उन्हें लगातार एड़ियां रगड़नी पड़ रही हैं।
उपकृषि निदेशक आरडी बागला ने बताया कि लोकसभा चुनाव के पहले तक 2,95,422 किसानों का पंजीकरण योजना के तहत हो गया था। लगभग 44 हजार किसानों का पंजीयन और होना है। सवा लाख किसानों को योजना की प्रथम व दूसरी किस्त मिल चुकी है। शेष किसानों के खाते में धनराशि भेजे जाने का निर्णय ऊपर से होना है। उसके लिए जरूरी प्रक्रिया चल रही है।