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शीतलाष्टमी पर मां कल्याणी देवी से सर्वमंगल की कामना

Sun, 14 Jun 2020 01:18 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news - फोटो : prayagraj
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धार्मिक स्थलों के अनॉक होने के बाद शनिवार को अषाढ़ कृष्ण पक्ष की शीतलाष्टमी पर पहली बार मां कल्याणी देवी के धाम में आस्था, भक्ति और विश्वास की त्रिवेणी बह उठी। इस दौरान सोने, चांदी के आभूषणों रत्नजड़ित हारों से मां की नयनाभिराम झांकी सजाई गई। रंग-बिरंगे फूलों, मौसमी फलों से मां के दरबार को सजाया गया।

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पुत्र की मंगलकामना से सप्तमी का व्रत रखने वाली महिलाओं ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए सुबह से शाम तक मां के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान मां कल्याणी देवी से सर्वमंगल का कामना की गई और कोरोना महामारी के खात्मे के लिए 21 वैदिक आचार्यों ने दुर्गा सप्तशती और ललिता सहस्त्रनाम का पाठ भी किया।

चार बजे भोर में मंगला आरती केसाथ ही मां कल्याणी देवी के पट आम भक्तों के लिए खोल दिए गए। पुजारी सुनील कुमार पाठक, श्यामजी पाठक के आचार्यत्व में सविधि अनुष्ठान हुए। इसी के साथ पुत्रों की मंगल कामना और सुख-समृद्धि के लिए व्रती महिलाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया।
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शीतलाष्टमी पर व्रती महिलाओं ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मां कल्याणी देवी की आराधना की। मंदिर परिसर में एख ओर व्रती महिलाएं गोला निशान के बीच खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं तो दूसरी ओर वैदिक आचार्यों की टोली दुर्गासप्तशती के सस्वर पाठ में रमी रही। इससे पहले मां कल्याणी देवी के दरबार को गेंदा, गुलाब, बेला के फूलों के अलावा आम के फलों से सजाया गया। मंदिर परिसर में जयकारे गूंजते रहे।

थर्मल स्क्रीनिंग के बाद व्रतियों को मिला प्रवेश
शीताष्टमी पर मां कल्याणी देवी मंदिर में सुरक्षा के साथ ही कोरोना संक्रमण की वजह से विशेष निगरानी की जाती रही। पुलिस के जवान श्रद्धालुओं को क्रमबद्ध तरीके से ही मंदिर के भीतर प्रवेश देते रहे। इस दौरान व्रतियों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही हैंडवाश भी कराया जा रहा था। मंदिर परिसर को नगर निगम की टीम ने सैनिटाइज भी कराया। 
 
बासी भोग मां को लगाने की परंपरा
परंपरागत तरीके के शीतलाष्टमी पर मां कल्याणी देवी को व्रतियों ने बसिअउरा को भोग अर्पित किया। इस दिन हलवा, पूड़ी व अन्य व्यंजनों का बासी भोग मां को लगाने की परंपरा रही है। इसी भोग-प्रसाद को व्रती महिलाओं ने भी पारण के रूप में ग्रहण किया। प्रयागराज में पुत्रों की मांगल कामना से यह व्रत किया जाता है। पं श्याम जी पाठक, पुजारी- मां कल्याणी देवी।

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