धरने का नेतृत्व कर रहे मृत्युंजय सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार शिक्षक दिवस पर पूरे प्रदेश में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित कर रही है, वहीं सामाजिक विज्ञान और कला के चयनित शिक्षक सडक़ पर सत्याग्रह को मजबूर हैं।
शिक्षक दिवस पर जहां पूरे प्रदेश में शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा था, वहीं प्रदेश के अशासकीय विद्यालयों में सामाजिक विज्ञान और कला विषय के चयनित अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति के लिए रविवार को भी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के बाहर धरने पर बैठे रहे। धरना पांच दिनों से जारी है। फिलहाल अब तक चयन बोर्ड का कोई भी प्रतिनिधि चयनितों से मिलने नहीं आया और न ही बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि चयनितों को स्कूल कब आवंटित होंगे।
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सामाजिक विज्ञान एवं कला विषय में सहायक अध्यापक के पदों पर तकरीबन 1600 अभ्यर्थियों को चयनित घोषित किया गया है। अभ्यर्थी डेढ़ माह से नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं। स्कूल आवंटन से लेकर नियुक्ति पत्र जारी होने तक की सभी प्रक्रिया ऑलाइन होनी है और इसमें कुछ घंटों का वक्त लगना है, लेकिन अभ्यर्थी चयन के डेढ़ माह बाद भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। चयनित अभ्यर्थियों ने रविवार को शिक्षक दिवस पर डॉॅ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर शिक्षक दिवस मनाया और चयन बोर्ड के अध्यक्ष के प्रति अपना विरोध प्रकट किया।
धरने का नेतृत्व कर रहे मृत्युंजय सिंह ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार शिक्षक दिवस पर पूरे प्रदेश में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित कर रही है, वहीं सामाजिक विज्ञान और कला के चयनित शिक्षक सडक़ पर सत्याग्रह को मजबूर है। उधर, आंदोलनकारियों एक प्रतिनिधिमंडल शंकर यादव, रणजीत कुमार, सुरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में रविवार को गोरखपुर भी गया। वहां मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था। हालांकि प्रोटोकॉल के कारण मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन मंत्री मार्कंडेय राय ने चयनितों से ज्ञापन प्राप्त किया और मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। धरने मं रमेश चंद्र, पवन मौर्य, कुलदीप पटेल, अरविंद, शुभम पाल, जसवंत कुमार, अवधेश सिंह, राजेश कुमार राव, मनोज गौतम, प्रदीप कुमार आदि शामिल रहे।
शिक्षक दिवस पर रोजगार आंदोलन तेज करने का संकल्प
पांच लाख रिक्त पदों को भरने, हर युवा को रोजगार की गारंटी एवं बेकारी भत्ता के मुद्दे पर पांचवें दिन रविवार को भी युवा मंच का सिविल लाइंस पत्थर गिरजाघर के पास रोजगार आंदोलन रही रहा। युवाओं ने शिक्षक दिवस पर आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। युवा मंच के संयोजक राजेश सचान एवं अध्यक्ष अनिल सिं ने कहा कि गत वर्ष 17 सितंबर को बालसन चौराहे पर हुए आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री की ओर से छह माह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की घोषणा की गई थी, जो जुमला साबित हुआ। यह हुआ कि इस बार भी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर प्रयागराज में प्रदेश भर के युवा इकट्ठा होंगे और रोजगार के मुद्दे पर सरकार की नीति का विरोध करेंगे। धरने में राम बहादुर पटेल, करन सिंह परिहार, ईशान, अरुण पाल,ख्राज यादव, धर्म राज आदि मौजूद रहे।