गोकशी के मामले में दर्ज हैं कई मुकदमे
होली के त्योहार में जफर गांव आया और फायरिंग करने लगा तो गांव के लोगों ने उसे पकड़ने के इरादे से दौड़ाया था तो वह भाग गया था। सोमवार की सुबह भी जावेद दोबारा गांव आया और फायरिंग करने लगा तो ग्रामीणों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। इस दौरान ग्रामीणों की जावेद से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान जावेद के साथ मे आए उसके भाई नूर आलम और एक अन्य युवक भी बीच बचाव में आए तो ग्रामीणों ने उनकी भी पिटाई शुरू कर दिया।
इसमें साथी युवक तो मौके से भाग निकले, जबकि पिटाई से जावेद अहमद की मौके पर मौत हो गई और भाई नूर आलम गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पाकर आनन फानन में पहुंची पुलिस ने घायल नूर आलम को इलाज के लिए प्रयागराज एसआरएम में भर्ती कराया। इस दौरान गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए एसपी हेमराज मीणा सहित सीओ चायल श्यामकांत दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घटना को लेकर गांव में तनाव की स्थिति है। मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई अभी तक नहीं कि गई है। सीओ चायल श्यामकांत का कहना है कि पूरी घटना पिपरी कोतवाली के मीरपुर गांव में हुई है, लेकिन मृतक का शव प्रयागराज के पूरामुफ्ती कोतवाली क्षेत्र के हरिरामपुर गांव के एक बाग में मिला है। अभी किसी भी प्रकार की तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर मिलेगी तो मूकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।