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PRSU : संघटक महाविद्यालयों में कौशल विकास के 24 नए पाठ्यक्रम होंगे शुरू

Sun, 21 Jul 2024 06:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक तीन वर्षीय, स्नातक चार वर्षीय, परास्नातक एक वर्षीय और परास्नातक दो वर्षीय पाठ्यक्रमों के लिए नवीन पाठ्यक्रम संरचना को सत्र 2024-25 से लागू के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई शिक्षा नीति के तहत में प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के 703 संघटक महाविद्यालय सत्र 2024-25 से कौशल विकास के 45 पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। इनमें 24 नए पाठ्यक्रम हैं, जो सत्र 2024-25 से शुरू किए जाएंगे जबकि 21 पाठ्यक्रम पहले से संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थियों को अलग से शुल्क देना होगा।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक तीन वर्षीय, स्नातक चार वर्षीय, परास्नातक एक वर्षीय और परास्नातक दो वर्षीय पाठ्यक्रमों के लिए नवीन पाठ्यक्रम संरचना को सत्र 2024-25 से लागू के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि कॉलेजों को कौशल विकास के पाठ्यक्रमों के लिए शासन से कोई अनुदान न मिलने के कारण महाविद्यालय विद्यार्थियों की संख्या एवं आवश्यक संसाधनों के आकलन के बाद कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण शुल्क निर्धारण बिना लाभ-हानि के आधार पर करेंगे।

कौशल विकास/रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के लिए महाविद्यालय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे और प्रशिक्षण/पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन सामग्री की व्यवस्था महाविद्यालय अपने स्तर से करेंगे। विश्वविद्यालय परिसर के विभाग और महाविद्यालय वोकेशनल पाठ्यक्रमों के लिए अध्ययन/प्रशिक्षण विषय वस्तु का निर्धारण अपने स्तर पर करेंगे और अपने यहां संचालित किए जाने वाले प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की सत्रवार सूची एवं पाठ्यक्रम संरचना अनिवार्य रूप से प्रवेश प्रारंभ होने से पहले अध्ययन समिति के अनुमोदन के लिए विश्वविद्यालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

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100 अंकों में होगा पाठ्यक्रम का मूल्यांकन

कौशल विकास के पाठ्यक्रम का मूल्यांकन 100 अंकों में किया जाएगा। विद्यार्थी के प्रशिक्षण (ट्रेनिंग आधारित) कार्य का मूल्यांकन सत्र के अंत में 60 अंकों में किया जाएगा और 40 अंकों की सैद्धांतिक परीक्षा भी सत्र के अंत में होगी। वोकेशनल पाठ्यक्रमों को उत्तीर्ण करने के लिए 100 अंकों के सापेक्ष 33 फीसदी अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता होगी। इन पाठ्यक्रमों का संचालन, परीक्षा एवं मूल्यांकन महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विभाग अपने स्तर से करेंगे।
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इन 24 नए पाठ्यक्रमों को शुरू कर सकेंगे कॉलेज

खेल पोषण एवं भौतिक चिकित्सा, रेशम कीट पालन, मधुमक्खी पालन, कुटीर उद्योग/कुक्कुट पालन, पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल विज्ञान, नवीनीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन, आचार एवं पापड़ निर्माण, डेयरी उत्पाद एवं प्रसंस्करण, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, यात्रा प्रबंधन, प्रिंटिंग, प्रकाशन, हस्तशिल्प, मृदा एवं जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, आतिथ्य प्रबंधन, फर्नीचर विकास, नर्सरी प्रबंधन, मूर्ति शिल्प, पर्यटन प्रबंधन, फैशन डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, हरितगृह तकनीक।

पहले से संचालित किए गए जा रहे पाठ्यक्रम

बेसिक्स ऑफ कंप्यूटर अप्लीकेशन, बेसिक्स ऑफ माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, बेसिक्स ऑफर डिफेंस जर्नलिज्म, कंम्युनिकेशन स्किल्स, प्रोफेशनल काउंसलिंग एंड कम्युनिकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप डेवपलमेंट, मेंटेनेंस एंड रिपेयरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट, पत्रकारिता एवं जनसंचार, योग एंड फिटनेस, टूर गाइड, सृजनात्मक लेखन, संगणक एवं ज्योतिर्विज्ञान, पॉलिटिकल जर्नलिज्म, सॉफ्ट स्किल्स डेवपलमेंट, गार्डनिंग, रिमोट सेंसिंग, प्रोफेशनल एथिक्स, प्रेजेंटेशन स्किल्स, फूड प्रोसेसिंग, फिशरीज, कंप्यूटर अप्लीकेशन।
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