100 अंकों में होगा पाठ्यक्रम का मूल्यांकन
कौशल विकास के पाठ्यक्रम का मूल्यांकन 100 अंकों में किया जाएगा। विद्यार्थी के प्रशिक्षण (ट्रेनिंग आधारित) कार्य का मूल्यांकन सत्र के अंत में 60 अंकों में किया जाएगा और 40 अंकों की सैद्धांतिक परीक्षा भी सत्र के अंत में होगी। वोकेशनल पाठ्यक्रमों को उत्तीर्ण करने के लिए 100 अंकों के सापेक्ष 33 फीसदी अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता होगी। इन पाठ्यक्रमों का संचालन, परीक्षा एवं मूल्यांकन महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के विभाग अपने स्तर से करेंगे।
इन 24 नए पाठ्यक्रमों को शुरू कर सकेंगे कॉलेज
खेल पोषण एवं भौतिक चिकित्सा, रेशम कीट पालन, मधुमक्खी पालन, कुटीर उद्योग/कुक्कुट पालन, पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल विज्ञान, नवीनीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन, आचार एवं पापड़ निर्माण, डेयरी उत्पाद एवं प्रसंस्करण, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, यात्रा प्रबंधन, प्रिंटिंग, प्रकाशन, हस्तशिल्प, मृदा एवं जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, आतिथ्य प्रबंधन, फर्नीचर विकास, नर्सरी प्रबंधन, मूर्ति शिल्प, पर्यटन प्रबंधन, फैशन डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, हरितगृह तकनीक।
पहले से संचालित किए गए जा रहे पाठ्यक्रम
बेसिक्स ऑफ कंप्यूटर अप्लीकेशन, बेसिक्स ऑफ माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, बेसिक्स ऑफर डिफेंस जर्नलिज्म, कंम्युनिकेशन स्किल्स, प्रोफेशनल काउंसलिंग एंड कम्युनिकेशन, एंटरप्रेन्योरशिप डेवपलमेंट, मेंटेनेंस एंड रिपेयरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट, पत्रकारिता एवं जनसंचार, योग एंड फिटनेस, टूर गाइड, सृजनात्मक लेखन, संगणक एवं ज्योतिर्विज्ञान, पॉलिटिकल जर्नलिज्म, सॉफ्ट स्किल्स डेवपलमेंट, गार्डनिंग, रिमोट सेंसिंग, प्रोफेशनल एथिक्स, प्रेजेंटेशन स्किल्स, फूड प्रोसेसिंग, फिशरीज, कंप्यूटर अप्लीकेशन।