स्थानीय थाना क्षेत्र के प्रयागराज-वाराणसी हाईवे के चक मोड़ का इलाका सोमवार को तड़के गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। बेखौफ आधा दर्जन बदमाशों ने चक मोड़ पर घात लगाकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव और उनके छोटे भाई क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार यादव पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। दोनों भाई दो अलग-अलग टाटा सफारी पर सवार होकर एक साथ छतनाग गांव स्थित घर से निकले थे। चक मोड़ पर पहुंचते ही उन पर गोलियों से जानलेवा हमला कर दिया गया।
अचानक हुई फायरिंग के बाद दोनों वाहन के चालक गाड़ी लेकर वहां से जान बचाकर भागे। यही वजह रही हमले में सभी बाल-बाल बच गए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य और उनके भाई सीधे वहां से झूंसी थाने पहुंचे। हालांकि एक गनर गोलियों का छर्रा लगने से जख्मी हो गया था। दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश की। बाद में भुक्तभोगी की तहरीर पर बहादुरपुर ब्लाक के प्रमुख, उनके दो सगे भाई और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य के सैकड़ों समर्थकों ने झूंसी थाने का भी घेराव किया था। मौके पर कई थानों की फोर्स भी बुलाई गई थी।
थाना क्षेत्र के छतनाग गांव निवासी अशोक यादव पुत्र स्वर्गीय हरीलाल यादव पूर्व जिला पंचायत सदस्य हैं। उनकी पत्नी शशि देवी वर्तमान में छतनाग ग्रामसभा की ग्राम प्रधान हैं। छोटे भाई शिवनारायण यादव उर्फ घुन्नू जिला पंचायत सदस्य तथा दूसरा भाई राजकुमार यादव क्षेत्र पंचायत सदस्य है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव अपने छोटे भाई क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार यादव के जरिए बहादुरपुर ब्लाक में प्रमुख अरूणेंद्र यादव पुत्र स्वर्गीय मोहनलाल यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में जुटे हुए हैं।
इसी संबंध में वह सोमवार की सुबह तकरीबन साढ़े सात बजे छोटे भाई राजकुमार, बेटे अंगद यादव व अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ दो टाटा सफारी गाड़ी से बीडीसी सदस्यों से संपर्क करने के लिए घर से निकले थे। एक गाड़ी में अशोक तथा दूसरी गाड़ी में राजकुमार सुरक्षाकर्मियों के साथ सवार थे। दोनों गाडिय़ां जैसे ही छतनाग गांव से निकलकर चकहरिहरवन जीटी रोड मोड़ पर पहुंचती ही थी कि पहले से घात लगाए आधा दर्जन बदमाशों ने टाटा सफारी गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अशोक का आरोप है कि फायरिंग बहादुरपुर ब्लाक प्रमुख अरूणेंद्र यादव डब्बू, उनके भाई अमर यादव, चंद्रजीत यादव व तीन अज्ञात हमलावर कर रहे थे।
अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से टाटा सफारी में सवार पूर्व जिला पंचायत अशोक और उनके भाई समेत अन्य दहल गए। फायरिंग के दौरान गोली का छर्रा गनर जवाहर के पेट में जाकर धंस गया था। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक और उनके भाई राजकुमार वाहन समेत वहां से भागकर सीधे झूंसी थाने पहुंच गए। यहीं वजह रही कि सभी की जान बाल-बाल बच गई। दिनदहाड़े प्रयागराज-वाराणसी हाईवे के मोड़ गोलियों की तड़तड़ाहट से हड़कंप मच गया।
झूंसी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश की। बाद में भुक्तभोगी की तहरीर पर बहादुरपुर ब्लाक प्रमुख अरूणेंद्र यादव डब्बू, भाई अमर यादव, चंद्रजीत यादव व तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया। उधर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक पर हमले की खबर इलाके में फैली तो भारी संख्या में समर्थकों का जमावड़ा झूंसी थाने में लग गया। समर्थकों ने थाने का घेराव कर जल्द से जल्द आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।