इसके साथ ही मुस्लिम मतदाताओं की संख्या पौने तीन लाख के आसपास है। ऐसे में कुर्मी, दलित और मुस्लिम मतदाताओं पर पीडीएम (पिछड़ा, दलित और मुसलमान) की निगाहें टिकी हुई हैं। इन्हीं मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन भी अपना उम्मदीवार खोज रही है। भारतीय जनता पार्टी भी इस सीट को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती है। इसी कारण अबतक यहां पर प्रत्याशी का चयन नहीं किया गया है।
पार्टी के अंदरुनी सूत्र बताते हैं कि इलाहाबाद लोकसभा सीट पर बाबूराम कुशवाहा के उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं और कौशाम्बी की सुरक्षित सीट पर कृष्णा पटेल को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वहीं मानव समाज पार्टी के प्रेमचंद बिंद को भदोही से प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना है। इलाहाबाद लोकसभा सीट पर यमुनापार में कुर्मी व ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या देखते हुए पल्लवी पटेल यहां मजबूती से चुनाव लड़ना चाहती हैं, ताकि उसका लाभ आने वाले विधानसभा चुनाव में भी उन्हें मिले और पार्टी का यमुनापार में संगठन तैयार हो।