बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारियां पांव पसार रही हैं। बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जबकि डेंगू के नए मामले भी चिह्नित हो रहे हैं और दस मरीज भी मिल चुके हैं। इस बीच निजी अस्पतालों में अचानक प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है। जिले में पांच प्रमुख ब्लड बैंकों से अगस्त माह में अब तक करीब एक हजार यूनिट प्लेटलेट्स मरीजों के इलाज के लिए दी जा चुकी है। साफ है कि डेंगू पीड़ितों की संख्या अधिक है।हालात ऐसे ही रहे तो अगले कुछ दिनों में प्लेटलेट्स की किल्लत से मरीज और तीमारदार जूझेंगे।
मौसम बदलने के साथ जिले में डेंगू और मलेरिया के मरीज बढ़े हैं। ऐसे मरीजों के लिए तीमारदार प्लेटलेट्स लेने ब्लड बैंकों तक पहुंच रहे हैं। शहर के पांच ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स का स्टॉक लगभग समाप्त है। खपत बढ़ने से रोज सुबह प्लेटलेट्स की मांग करने वालों को शाम तक प्लेटलेट्स मिल पाती है। चिकित्सकों के मुताबिक प्लेटलेट्स सिर्फ डेंगू पीड़ितों को ही नहीं चढ़ाई जाती है। कैंसर, संक्रमण के कई पीड़ितों में प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
इन ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स खपत, स्टॉक
जिले में सर्वाधिक प्लेटलेट्स की आपूर्ति एएमए के ब्लड बैंक से की जा रही है। चेयरमैन डॉ. अशोक अग्रवाल के मुताबिक जुलाई में 2600 यूनिट प्लेटलेट्स की मरीजों के लिए दी गईं। वहीं अगस्त में प्रतिदिन 135 यूनिट प्लेटलेट्स आपूर्ति का औसत है। अभी तक तीन हजार यूनिट से अधिक प्लेटलेट्स की आपूर्ति की जा चुकी है। 40 यूनिट का स्टॉक है। वहीं एसआरएन ब्लड बैंक में 15 से 20 यूनिट प्लेटलेट्स की आपूर्ति की जा रही है। विभागाध्यक्ष डॉ. वत्सला मिश्रा ने बताया कि स्टॉक में 36 यूनिट प्लेटलेट्स हैं। नर्सिंग होम एसोसिएशन के बल्ड बैंक से प्रतिदिन औसतन 15 यूनिट प्लेटलेट्स की मरीजों के तीमारदारों को दी जा रही हैं। बेली में तीन यूनिट का स्टॉक है,ज
बकि कॉल्विन में न रक्त है, न ही प्लेटलेट्स हैं। ब्लड बैंक संचालकों का कहना है कि अगस्त में अचानक प्लेटलेट्स की मांग बढ़ी है। अगले कुछ दिनों में प्लेटलेट्स की किल्लत हो सकती है।
निजी अस्पतालों में है डेंगू पीड़ितों की भरमार, सरकारी आंकड़े कम
निजी अस्पतालों में बुखार पीड़ितों की भरमार हैं। सरकारी अस्पताल एसआरएन, बेली, कॉल्विन, डफरिन की ओपीडी में बड़ी संख्या में बुखार पीड़ित पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि प्लेटलेट्स कम होने पर संभावित डेंगू मानकर इलाज किया जा रहा है। प्लेटलेट्स काउंट्स 20 हजार से
नीचे आने पर चढ़ाने की जरूरत होती है।
संचारी रोग नियंत्रण की विशेष व्यवस्था की गई है। निजी अस्पताल संचालकों को डेंगू पीड़ितों की जांच मेडिकल कॉलेज की पैथालॉजी में कराने तथा सूचना सीएमओ कार्यालय को देने के निर्देश हैं। जिले में अब तक दस बुखार पीड़ितों में डेंगू की पुष्टि हुई है। - डॉ. आनंद सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी