केंद्र सरकार की ओर से अपर सॉलिसिटर जनरल शशि प्रकाश सिंह ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति करते हुए कहा है कि मामला छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले का है। घटनाक्रम वहीं है, इसलिए इस अदालत को क्षेत्राधिकार नहीं है। याची के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि याची गोरखपुर का मूल निवासी है। वह 15 दिन की छुट्टी पर अपने घर आया था। उसकी छ़ुट्टी सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत की गई थी।
छुट्टी पर रहने के दौरान याची गंभीर रूप से बीमार हो गया। उसने सरकारी अस्पताल में इलाज कराया। इसकी सूचना रजिस्टर्ड डाक से सक्षम प्राधिकारी को भेजी थी। याची पर बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के आरोप में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के सेक्शन 10 एम के तहत कार्रवाई की गई है। अधिवक्ता का कहना था कि याची का अपराध बेहद मामूली है और मात्र एक वर्ष की सजा से दंडनीय है।
कोर्ट ने याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कहा है कि यदि याची दस दिन के भीतर ड्यूटी पर उपस्थित हो जाता है तो उसे गिरफ्तार न किया जाए। साथ ही केंद्र व राज्य सरकारों सहित सभी पक्षकारों से इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।