आजम का पक्ष रखने के लिए नहीं पहुंचे अधिवक्ता
पूर्व कैबिनेट मंत्री के खिलाफ रामपुर जिले में आधा दर्जन से अधिक मामले में आरोपित हैं। उनके खिलाफ जिला न्यायालय में सुनवाई चल रही है। लेकिन, कोर्ट द्वारा उन्हें जमानत मिली हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी जमानत को निरस्त कराने के लिए आधा दर्जन मामले में याचिका दाखिल कर रखी है। बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई, लेकिन उनका पक्ष रखने केलिए कोई भी अधिवक्ता मौजूद नहीं रहा।
लिहाजा, कोर्ट ने याचिका निरस्त कराने के संदर्भ की सूचना उन तक पहुंचाने के लिए फिर से आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर उनकी ओर से कोई भी अधिवक्ता उपस्थित नहीं होता है तो कोर्ट न्यायहित में न्यायमित्र नियुक्त किया जाएगा।