सीसैट से प्रभावित प्रतियोगी छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने के लिए बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में शासनादेश आ गया। इसके तहत 2013 की पीसीएस परीक्षा में शामिल होकर ओवरएज हुए प्रतियोगियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे। शासनादेश जारी होने के बाद आयोग जल्दी ही पुनर्विज्ञापन जारी करते हुए आवेदन की तिथि घोषित कर सकता है। हालांकि इसकी वजह से 21 मई को प्रस्तावित पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा टलना तय है।
सीसैट की व्यवस्था 2012 में लागू की गई थी। छात्र मांग कर रहे थे कि सीसैट से प्रभावित 2013 से 2015 के बीच ओवरएज हुए छात्रों को पीसीएस की परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएं। इस बाबत मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में अतिरिक्त अवसर दिए जाने का निर्णय ले लिया गया था। हालांकि उस वक्त तक स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं थी कि इसे किस रूप में लागू किया जाएगा। बृहस्पतिवार को शासनादेश जारी होने के बाद तस्वीर कुछ साफ हुई है। शासनादेश के अनुसार सीसैट से प्रभावित छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर इसी शर्त पर मिलेंगे कि संबंधित छात्र 2013 की पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल हुए हों।
शासनादेश में यह भी कहा गया है कि एक जुलाई 2017 को सामान्य वर्ग अभ्यर्थियों की आयु अगर 40 वर्ष से अधिक है और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु 45 वर्ष से अधिक है तो उन्हें 2017 एवं 2018 की परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे। लोक सेवा आयोग के सचिव अटल कुमार राय का कहना है कि प्रभावित अभ्यर्थियों की आयु वर्तमान में कुछ भी हो, उन्हें दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे।