सैकड़ों करोड़ की जालसाजी करने वाले शाइन सिटी के मालिकों पर सिविल लाइंस में 11 अक्तूबर को एक और एफआईआर कराई गई। कई बार नोटिस जारी करने, मुनादी कराने के बाद भी वे हाजिर नहीं हुए। ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर ने तीन के खिलाफ धारा 174-ए के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
शाइन सिटी के मालिकों आसिफ नसीम, राशिद नसीम और नैनी के जसीम खां के खिलाफ सिविल लाइंस में 2020 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले की जांच बाद में ईओडब्लू कानपुर को सौंप दी गई थी। आसिफ, राशिद और जसीम के खिलाफ सुबूत मिलने के बाद उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए गए लेकिन पकड़ानहीं जा सका। बाद में न्यायालय के आदेश के बाद दफा 82 के तहत घरों पर नोटिस चस्पा किया गया। मुनादी कराई गई लेकिन तीनों हाजिर नहीं हुए। ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर शिवकुमार ने 11 अक्तूबर को तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी।
बैंक मैनेजर सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश
जिला न्यायालय ने बैंक में बंधक जमीन का धोखाधड़ी कर बैनामा करा लेने के मामले में विजया बैंक हनुमानगंज के बैंक मैनेजर सहित 5 लोगों के
खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश थाना सराय इनायत को दिया है। यह आदेश सीजेएम हरेंद्र नाथ ने वादी के अधिवक्ता को सुन कर दिया है।
प्रकरण थाना सराय इनायत के हनुमान गंज का है। वादी सुजीत कुमार मौर्य ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में हनुमानगंज विजया बैंक शाखा के प्रबंधक आलोक नाथ मिश्रा एवं प्रियंका, दिनेश चंद, प्रभाकांत, विकास चंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना किए जाने की याचना की है। वादी का कहना है कि उसकी हनुमान गंज बाजार में बक्सा बनाने की दुकान है।
दिनेश चंद्र, प्रभा कांत दुकान पर आए और कम ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर उसके भाई को ले जाकर विजया बैंक के मैनेजर से मिलवाया। बैंक मैनेजर ने खाता खोल कर चेक बुक जारी कर दिया था। दिनेश चंद ने चेक बुक के कुछ पन्नों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। पता चला कि खाते में 15 लाख का लोन स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि बैंक में बंधक की गई जमीन को दिनेश चंद्र और प्रभाकांत ने लोन खत्म करने के नाम पर तहसील ले जाकर बिना पैसा दिए अपने नाम बैनामा करा लिया। अदालत ने थाना प्रभारी सराय इनायत को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। संवाद
महिला के साथ किए गए अपराध में सात लोगों की अग्रिम जमानत खारिज
जिला न्यायालय ने महिला के साथ किए गए अपराध में अभियुक्त कमला शंकर, भोला नाथ, महावीर, अमित, संतोष, बृजमोहन, महान मिश्र को अग्रिम जमानत पर रिहा करने से इनकार करते हुए प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। यह आदेश अपर जिला जज कृष्ण कुमार ने एडीजीसी शिव शरण श्रीवास्तव और बालकृष्ण मिश्र को सुनकर दिया है।
घटना 16 सितंबर 2021 की थाना कोरांव के नेवरिया चमन का पूरा गांव की है। वादी हीरामणि शुक्ला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अभियुक्त गण एक राय होकर उसके घर में लाठी डंडा लेकर घुस आए और उसकी पत्नी प्रभावती को धक्का देकर जमीन में गिरा दिया और जान से मारने की धमकी दी थी। वादी का कहना है कि उसने अतिक्रमण के खिलाफ उप जिलाधिकारी के यहां शिकायत की थी, जिससे नाराज होकर अभियुक्त गणों ने घटना को अंजाम दिया है। अदालत ने अभियुक्त गणों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दिया है और कहा है कि मामले में आरोप पत्र आ चुका है द्य और यह महिला के साथ किया गया अपराध है द्य जिसमें अग्रिम जमानत का कोई आधार नहीं है।