जिला पंचायत ने निर्माण कार्य अधूरे छोड़ने पर 16 फर्मों को नोटिस जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि अगर उन्होंने जल्द ही संबंधित निर्माण कार्य पूरे नहीं किए तो जमानत राशि जब्त कर दूसरी संस्था से कार्य पूरे कराए जाएंगे।
जिला पंचायत के अवर अभियंताओं ने लगभग दो दर्जन कार्यों के अपूर्ण होने की रिपोर्ट दी है, जिस पर जिला पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने इस संबंध में फर्मों को नोटिस दिए हैं। इन फर्मों को ब्लैक लिस्ट करने और दूसरे विभागों से भी भविष्य में काम नहीं देने के लिए पत्र लिखा जाएगा। इन फर्मों में मैसर्स फारूख खां, आदया इंफोटेक, बालाजी इंटरप्राइजेज, तेवतिया बिल्डर्स, जितेंद्र पाल सिंह चौहान, उमाशंकर शर्मा, मुस्कान बिल्डर्स, भोले बाबा कंपनी, आरपी सिंह, आमिर एंड ब्रदर्स, दयाशंकर कांट्रेक्टर, दीप कंपनी, शिवानी बिल्डर्स, एसए कंस्ट्रक्शन, यादव कंपनी, पीहू इन्फोटेक शामिल हैं।
गौर हो कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के शिलान्यास के मौके पर जब लोधा के कार्यक्रम स्थल पर सड़क टूटी मिली तो पता चला कि वो जिला पंचायत से बनवाई जा चुकी है और पैसा भी खर्च हुआ है। इस पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे के निर्देश पर सड़क की जांच हुई तो पता चला कि सड़क बनी ही नहीं थी। इस पर अन्य कुछ कार्यों की जांच में पता चला कि वो भी आधे अधूरे छोड़ दिए गए हैं। अब इन सभी को नोटिस दिए जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने बताया कि जिन फर्मों ने अपने कार्य अधूरे छोड़े हैं, उनको या तो कार्य पूरा करना होगा, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई होगी। बीती 15 सितंबर को इस संबंध में शासन स्तर से दिशा-निर्देश आ चुके हैं।