शिकायत में आरोप है कि मूल रूप से सिरसा छर्रा निवासी बोधपाल सिंह पुत्र रामधुन सिंह ने आधार कार्ड में अपने पिता का नाम व पता बदलकर लोकवाणी केंद्र पर चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। रामबाग गली नंबर तीन क्वार्सी के पते से हुए इस आवेदन पर क्वार्सी पुलिस ने सही चरित्र की आख्या दे दी। जिसके आधार पर चरित्र प्रमाण पत्र जारी हो गया।
अलीगढ़ में छर्रा क्षेत्र के मूल निवासी भाजपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य व कॉलेज संचालक बोधपाल सिंह पर क्वार्सी में मुकदमा दर्ज हुआ है। उस पर खुद पर दर्ज मुकदमों का विवरण छिपाकर चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। साथ में इस प्रमाण पत्र से ठेकेदारी का लाभ भी लिया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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यह मुकदमा छर्रा शिवपुरी निवासी संदीप की ओर से एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र की जांच के बाद लिखा गया है। शिकायत में आरोप है कि मूल रूप से सिरसा छर्रा निवासी बोधपाल सिंह पुत्र रामधुन सिंह ने आधार कार्ड में अपने पिता का नाम व पता बदलकर लोकवाणी केंद्र पर चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। रामबाग गली नंबर तीन क्वार्सी के पते से हुए इस आवेदन पर क्वार्सी पुलिस ने सही चरित्र की आख्या दे दी। जिसके आधार पर चरित्र प्रमाण पत्र जारी हो गया। जिसके जरिये उनकी ठेकेदारी फर्म ने कई करोड़ रुपये का काम किया है। साथ में अन्य कार्यों में भी इस प्रमाण पत्र का प्रयोग किया है। वहीं बोधपाल सिंह के खिलाफ छर्रा में आधा दर्जन व महुआ खेड़ा मेंं भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इंस्पेक्टर क्वार्सी विजयकांत शर्मा ने मुुकदमे की पुष्टि की है।
भाजपा नेता का तर्क
भाजपा नेता बोधपाल सिंह का कहना है कि मेरे पिता का नाम पुराने दस्तावेजों में रामधुन उर्फ मदन सिंह है। अब मैं रामबाग में रहता हूं। पिता का नाम सही कराने के लिए आवेदन कर दिया है। रहा सवाल पुराने मुकदमों का तो यह सही है कि हत्या व हमले आदि के मुकदमे दर्ज हुए। मगर अधिकांश मुकदमे खत्म हो गए। उसी आधार पर यह चरित्र प्रमाण पत्र बना है। इससे पहले मुझ पर कई लाइसेंसी हथियार भी हैं। अगर मैं गलत होता तो ये लाइसेंस कैसे बनते। शिकायतकर्ता की मेरे भाई से संपत्ति का विवाद है। इसी क्रम में वह लगातार शिकायतें करता फिरता है। उस पर भी अपराध दर्ज हैं।
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पुरानी धाराओं में लिखा मुकदमा
यह मुकदमा चूंकि जुलाई से पहले के घटित अपराध से जुड़ा है। इसलिए पुरानी धाराओ में ही लिखा गया है। इस विषय में एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक का कहना है कि जुलाई से पहले के अपराध के चलते मुकदमा उसी धारा में लिखा जाएगा।