अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में अध्ययन कर रहे अफगानिस्तान के छात्रों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। उन्हें अफगानिस्तान के विभिन्न शहरों में रह रहे अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में छात्रों को पूरी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।
एएमयू में पढ़ रहे अफगानिस्तान के एक छात्र ने अपना नाम प्रकाशित न करने का अनुरोध करते हुए बताया कि जिस तरह की खबरें वहां से आ रही हैं, वह चिंता पैदा करती हैं। छात्र ने बताया कि उसके परिवार के सदस्य अभी भी वहीं रहते हैं। वह दिल्ली स्थित अफगानी दूतावास से संपर्क करके अपने परिवार की सुरक्षा के संबंध में कहेंगे। छात्र कहना है कि वह निरंतर परिवार के संपर्क में बने हैं। ऐसी ही स्थिति अन्य छात्रों के साथ भी है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डिप्टी प्रॉक्टर सैयद अली नवाज जैदी कहते हैं कि वह विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विदेशी छात्रों के एडवाइजर भी हैं। एएमयू में अफगानिस्तान के 24 छात्र पढ़ते हैं। अधिकांश छात्र महामारी की पहली लहर के दौरान अपने घर चले गए थे। कुछ छात्र हैं, जो सिविल लाइन क्षेत्र में निजी तौर पर आवास की व्यवस्था करके रह रहे हैं, जहां तक उनके परिजनों की सुरक्षा का सवाल है तो अभी तक किसी छात्र ने इसको लेकर उनसे संपर्क नहीं किया है। लेकिन इस संबंध में छात्र जो भी मदद विश्वविद्यालय से मांगेंगे, उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी।