बजट भाषण में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने माल एवेन्यू इलाके में बसपा मुख्यालय और मायावती के आवास के सामने वाली सड़क पर फ्लाईओवर बनाने की घोषणा कर सियासी टकराव को हवा दे दी।
बसपा ने इस मुद्दे पर बाकायदा विरोध करने का ऐलान कर दिया और सड़क पर उतरकर इस फ्लाईओवर के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने इसे राजधानी में विकास को बढ़ावा देने की कोशिश बताया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि माल एवेन्यू रोड (महात्मा गांधी मार्ग) पर आवास विकास दफ्तर के नजदीक से छावनी की ओर जाने वाले रास्ते तक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। माल एवेन्यू क्रासिंग पर वाहनों की लंबी कतार दिन में कई बार लगती है। लखनऊ-सुल्तानपुर रेलखंड पर यह क्रासिंग पड़ती है, जहां से पूरे दिन में दर्जनों बार ट्रेनें गुजरती हैं।
मुलायम सिंह यादव की पुरानी सरकार में भी इस क्रासिंग पर पुल बनाने की घोषणा की गई थी। बाद में मायावती सरकार आने पर इस पुल के प्रोजेक्ट को खत्म कर दिया गया था। इसी बीच इसी सड़क पर आवास विकास परिषद के आफिस के ठीक बगल में बसपा का भव्य मुख्यालय और इससे कुछ दूरी पर पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का महल सरीखा बंगला बना दिया गया।
ऐसे में इस रोड को हाई सिक्योरिटी जोन में भी तब्दील कर दिया गया। इस आशय का बोर्ड प्रस्ताव भी पास किया गया। इसके बाद सात मीटर से ऊंचा कोई भी निर्माण इस रोड पर संभव नहीं है। मगर यहां बनने वाले ओवरब्रिज को लेकर कहा जा रहा है कि साढ़े पांच मीटर की ऊंचाई का ही फ्लाईओवर यहां बनाया जाएगा। इससे हाई सिक्योरिटी जोन की बाध्यता भी नहीं आड़े आएगी।
मुख्यालय और बंगले की खो जाएगी रंगत
इस पुल के बनने से बसपा मुख्यालय और मायावती के बंगले की रंगत खो जाएगी। इसीलिए घोषणा होने के बाद से ही विरोध शुरू हो गया है। दरअसल बसपा काल के पांच साल तक सरकार के न जाने कितने संसाधन इन दोनों इमारतों पर ही लगते रहे। कितने ही बड़े नियम परिवर्तन इसी कारण किए गए।
माल एवेन्यू पर पुल बनाने से पहले विक्रमादित्य मार्ग पर जहां मुलायम सिंह का बंगला और सपा का मुख्यालय है, वहां भी रेलवे पुल बनाया जाए। जरूरत तो वहां पर भी है। हम माल एवेन्यू में आरओबी बनाने का विरोध करेंगे। आंदोलन छेड़ा जाएगा।- स्वामी प्रसाद मौर्य, नेता प्रतिपक्ष
विकास करते हुए राह किनारे किसका मकान आ रहा है, यह तो नहीं देखा जाएगा। राजधानी का विकास ही प्राथमिकता है।- अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री