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आगरा में कब खत्म होगा जल संकट: चौथे दिन भी चार लाख लोगों को नहीं मिला पानी

Tue, 27 Jul 2021 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में पाइपलाइन टूटने से 40 इलाकों में जल संकट बरकरार है। सोमवार को भी लोग पानी के लिए पसीना बहाते दिखे। मोहल्लों में टैंकर न पहुंचने से लोग पैदल, रिक्शे, ठेल और स्कूटी पर पानी ढोकर लाए। 
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पानी के लिए परेशान रहे लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के जीवनीमंडी, रतनपुरा, नया घेर, कोतवाली, मंटोला, कलक्ट्रेट, काजीपाड़ा, छीपीटोला, बिजलीघर, बालूगंज, काला महल, बेलनगंज, पथवारी, कचहरी घाट, पीपलमंडी, गुदड़ी मंसूर खां, घटिया आजम खां, फुलट्टी, हींग की मंडी, विजय नगर कॉलोनी, पीर कल्याणी समेत 40 इलाकों के चार लाख से ज्यादा लोग चौथे दिन भी पानी के लिए परेशान रहे। इन सभी इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा रहा। 

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टैंकर न पहुंचने के लिए लोगों को पानी के लिए उन पड़ोसियों से मिन्नतें करनी पड़ीं, जिनके घर सबमर्सिबल पंप लगे हैं। पुराने शहर की तंग गलियों, कॉलोनी, बस्तियों में लगी टीटीएसपी की टंकियों से पानी भरने के लिए लोगों को  500 से 700 मीटर तक जाना पड़ा। जलकल विभाग के अधिकारियों ने टूटी लाइन की जगह नई लाइन बिछाकर बुधवार को पानी की आपूर्ति का दावा किया है। 
 
बच्चे भी पहुंचे पानी भरने
जलकल विभाग की पाइपलाइन फटने के बाद चार दिन से संकट झेल रहे लोगों ने पानी की तलाश की तो कोई बस्ती के कोने पर लगे सबमर्सिबल पंप तो कोई एक किमी दूर अपने परिचित के घर पर पानी भरने के लिए पहुंचा। किसी ने रिक्शे पर बाल्टियों को रखकर पानी भरने में ढोया तो कोई ठेल पर ही पानी लेने पहुंचा। 

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रतनपुरा, नया घेर, लंगड़े की चौकी, विजय नगर, जीवनी मंडी, बेलनगंज, यमुना किनारा, छत्ता, पीपलमंडी, कालामहल, रावतपाड़ा, दरेसी, किनारी बाजार, हॉस्पिटल रोड, घटिया आजम खां क्षेत्र में छोटे-छोटे बच्चे भी पानी भरने के लिए सबमर्सिबल पंपों पर पहुंचे। महिलाएं बर्तनों को लेकर एक साथ पानी भरने के लिए पहुंचीं। 
 
नहा सके न भोले का जलाभिषेक किया
रतनपुरा की सुषमा वर्मा ने बताया कि सावन का पहला सोमवार था तो चार बाल्टियां पानी पड़ोसी ने मांगने पर मुश्किल से दी हैं। गली में ज्यादातर लोग न तो खुद नहाए न मंदिर जा सके। टैंकर से भी पानी नहीं मिला। ऐसी गर्मी में पानी भरने जाना किसी सजा से कम नहीं है।

पड़ोसी से मिन्नतें करनी पड़ीं
लंगड़े की चौकी निवासी प्रीती कुशवाह ने कहा कि बच्चों के साथ पानी भरने जाना पड़ा। घर के काम, किचन और पीने के लिए तो पानी चाहिए, जिसके लिए पड़ोसी से मिन्नतें करनी पड़ी। अधिकारी कोई वैकल्पिक इंतजाम तो करते। एक लीकेज में इतना समय तो नहीं लगता। लोगों की परेशानी देखें। 
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700 मीटर दूर से ला रहे पानी
नया घेर निवासी राजकुमारी ने कहा कि घर से सबमर्सिबल पंप 700 मीटर दूर है, लेकिन बच्चों के साथ पानी भरने जा रहे हैं। वाटर प्लांट वाले भी पानी के कैंपर नहीं दे रहे। तीन दिन से उनके पास भी पानी नहीं है, बस एक या दो कैंपर ही भरकर दे रहे हैं।

नहीं भेजे कैंपर
राजनगर के पार्षद बंटी माहौर ने कहा कि क्षेत्र में हैंडपंप सूखे पड़े हैं। गरीब लोगों के पास सबमर्सिबल पंप लगाने के पैसे नहीं है। जलकल विभाग ने टैंकर भी नहीं भेजे। लोग तीन दिन से पानी के लिए परेशान हैं। पानी का कैंपर भी महंगा कर दिया है। 

एक सबमर्सिबल, 100 परिवार
पीपलमंडी के पार्षद रवि बिहारी माथुर ने कहा कि 3 से 4 फुट चौड़ी सकरी गलियों में पानी का टैंकर कैसे पहुंच पाएगा। लोग बाहर मेन रोड तक जब तक आते हैं, तब तक टैंकर का पानी खत्म हो जाता है। पूरी गली में एक सबमर्सिबल पंप है और पानी भरने वाले 100 परिवार। कोई दे भी तो कैसे दे।
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