आगरा के श्री पारस अस्पताल में ऑक्सीजन की मॉकड्रिल के मामले में अब तक पीड़ितों की शिकायत पर मुकदमे दर्ज नहीं किए गए हैं। पुलिस को तहरीर देने के बाद पीड़ित भटकने को मजबूर हैं। उधर, पुलिस ने कोर्ट में भी आख्या नहीं भेजी थी, जिस वजह से प्रार्थनापत्र पर कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में अधिवक्ताओं के पैनल ने डीजीपी से मुलाकात करने का फैसला लिया है।
युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने बताया कि अधिवक्ताओं के पैनल के पास पीड़ित अशोक चावला, राजू यादव, गीतिमा ग्रोवर, क्षितिज शर्मा, दूरबीन सिंह, पीयूष तिवारी, मनोज यादव, अमित चावला आदि के प्रार्थनापत्र आ चुके हैं। इन प्रार्थनापत्र को एसएसपी के यहां 20 दिन पहले दिया जा चुका है। मगर, अब तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है।
इस कारण ही कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। इस पर थाना न्यू आगरा से रिपोर्ट मांगी गई थी। मगर, थाने ने रिपोर्ट नहीं भेजी। इस कारण कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। पुलिस के रवैये से लगता है कि जान बूझकर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर, अब मुकदमे दर्ज नहीं किए जाते हैं तो डीजीपी से अधिवक्ताओं का पैनल मिलने जाएगा।