पहले भी दो बार गिर चुका था गेट
ग्रामीण जगत सिंह फौजी, राकेश कुमार ने बताया कि इस विद्यालय में इंटर तक की कक्षाएं संचालित होती हैं, लेकिन विद्यालय में मात्र दो कमरे बने हुए हैं। मेन गेट को ठीक से नहीं लगाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पहले भी दो बार इस स्कूल का गेट गिर चुका है। उस दौरान वहां खेल रहे बच्चे बाल-बाल बच गए थे। इसके बाद भी स्कूल संचालक ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और बड़ा हादसा हो गया।
विद्यालय प्रबंधक हरवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को छुट्टी होने पर विद्यालय बंद था। शनिवार को विद्यालय खुलने से पूर्व ही घटना हुई है। बच्चे गेट को हिला रहे थे और गेट गिर गया। इसमें विद्यालय प्रशासन की कोई गलती नहीं है। बच्ची की मौत पर दुख है। घटना के संबंध में थाना नगला सिंघी के इंस्पेक्टर नितिन कुमार त्यागी ने बताया कि उन्हें बच्ची की मौत की कोई सूचना नहीं दी गई है। अगर तहरीर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।