मथुरा का 83वां स्थान
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में मथुरा-वृंदावन नगर निगम देश में 83वें स्थान पर पहुंच गया है। मतलब 25 पायदान नीचे गिर गया है। पिछले साल 58वें स्थान पर मथुरा-वृंदावन नगर निगम रहा था। यूपी के 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में मथुरा को पांचवां स्थान मिला है।
मथुरा-वृंदावन नगर निगम के आयुक्त अनुनय झा ने इन परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि नए सर्वेक्षण 2022 में हमारी रैकिंग काफी बेहतर होगी। बता दें कि 2018 में नगर निगम मथुरा-वृंदावन को 428वीं रैंक मिली थी, 2019 में सर्वेक्षण में 133 रैंक एवं फॉस्टेस्ट सिटी का अवॉर्ड भी मिला था।
2017 में निगम का गठन हुआ था। अब योजनाबद्ध तरीके से साफ-सफाई पर पूरा फोकस रखा जा रहा है। सफाई के नए अत्याधुनिक उपकरण आने से सफाई का स्तर काफी तेजी से सुधर रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के वार्डों में भी सफाई को प्राथमिकता पर रखा गया है।
मैनपुरी को मिली 333वीं रैंक
स्वच्छता को लेकर जिले में किए गए सुधारों का असर दिखाई देने लगा है। स्वच्छता सर्वेक्षण वर्ष 2021 में जनपद ने देश में 333वीं रैंक हासिल की है। वर्ष 2020 की अपेक्षा जिले की स्वच्छता में सुधार हुआ है। इससे पहले 412वां स्थान प्राप्त किया था। हालांकि अभी भी जिला वर्ष 2019 में जो रैंक मिली थी, उससे काफी पीछे है।
सात पायदान नीचे खिसक गई सुहागनगरी
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की रैंकिंग में फिरोजाबाद सात पायदान नीचे खिसक गया। इस बार जिले का 60 वां स्थान आया है, जबकि वर्ष 2020 में हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में 53वां स्थान था। उम्मीद थी कि इस बार पिछले वर्ष मिली 53 वीं रैंक में सुधार होगा, लेकिन हो गया उलट।
वर्ष- मिली रैंक
2018- 398 वीं रैंक
2019- 292 वीं रैंक
2020- 53 वीं रैंक
2021- 60 वीं रैंक