सौंठ की मंडी स्थित प्राथमिक विद्यालय में जानवर बंधे हुए हैं।
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आगरा। परिषदीय प्राथमिक स्कूल भौतिक रूप से पढ़ाई के लिए एक सितंबर को 18 माह बाद खुलेंगे। रोस्टर के हिसाब से प्रतिदिन 50 फीसदी विद्यार्थियों को बुलाना है। तमाम स्कूलों में कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराते हुए 50 फीसदी विद्यार्थियों को भी बैठाने के लिए जगह नहीं है। विद्यालयों में साफ-सफाई का भी अभाव है।
कंपोजिट विद्यालय, मालवीय कुंज तोता का ताल में कक्षा एक से आठ तक 184 विद्यार्थियों का पंजीकरण है। विद्यालय में चार कक्ष हैं। अभी कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को दो कक्षों में बैठाया जा रहा है। पंजीकृत 59 में से 21 विद्यार्थी मंगलवार को विद्यालय पहुंचे थे। सहायक अध्यापिका मीता सिंह ने बताया कि कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के पहुंचने पर कुछ विद्यार्थियों को बरामदे में बैठाना पड़ेगा। कक्षों में सभी विद्यार्थियों को बैठाना संभव नहीं होगा। विद्यालय में प्राथमिक विद्यालय जर्जर भवन खड़ा है। परिसर में विद्यार्थी खेलते रहते हैं, भवन हादसे का कारण भी बन सकता है। भवन की जांच हो गई है, इसके बाद भी ध्वस्त नहीं किया जा रहा।
वहीं, प्राथमिक विद्यालय, सोंठ की मंडी में विद्यालय भवन के नाम पर महज एक छोटा सा कक्ष है। इसी में मिड-डे मील बनता है। उसका सामान रखा हुआ है। फर्नीचर आदि भी है। विद्यालय में 17 विद्यार्थियों का पंजीकरण है। आठ-नौ विद्यार्थी पहुंचने पर भी उन्हें दूर-दूर बैठाने में दिक्कत आएगी। विद्यालय में गंदगी है। यहां गाय बांधी जाती हैं। चारो ओर गोबर पड़ा हुआ है। कक्ष जर्जर भी है।
कक्षा एक से पांच तक के स्कूल खुलने पर पहले दिन अधिकारी निरीक्षण करेंगे। शासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही स्कूलों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। - महेश चंद, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बेसिक