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आगरा: 22 साल पुराने मामले में अदालत में पेशी, मुख्तार अंसारी का डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र खारिज

Thu, 23 Sep 2021 03:00 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

मुख्तार अंसारी से मोबाइल और बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की थी। मौके पर ही बरामद माल की फर्द बनाई थी। इस मामले में थाना जगदीशपुरा में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। आरोपी मोबाइल से आपराधिक गतिविधि कर रहे थे। 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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स्पेशल जज (एमएलए-एमपी) नीरज गौतम ने बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की 22 साल पुराने केस से डिस्चार्ज करने संबंधी याचिका खारिज कर दी। आरोप तय करने के लिए 30 सितंबर की तारीख नियत की है। इस दौरान मुख्तार अंसारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हुई। कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को जान का खतरा बताने पर बांदा जेल प्रशासन को सुरक्षा के इंतजाम के निर्देश दिए हैं।

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अंसारी के वकील ने दिया था ये तर्क
मुख्तार अंसारी की ओर से नए नियुक्त अधिवक्ता रवि अरोड़ा ने कहा कि मुख्तार अंसारी को द्वेशवश राजनीतिक रूप से झूठा फंसाया गया है। उनसे कोई मोबाइल बरामद नहीं हुआ था। एडीजीसी शशि शर्मा ने विरोध करते हुए तर्क दिया कि 18 मार्च 1999 को तत्कालीन जिलाधिकारी राजेंद्र कुमार तिवारी, एसएसपी प्रमोद कुमार, एसपी सिटी डीसी मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट आरएन दुबे, सीएमओ एके सक्सेना ने जेल का निरीक्षण किया था। 
बरामद हुई थी बुलेटप्रूफ जैकेट
इस दौरान मुख्तार अंसारी से मोबाइल और बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की थी। मौके पर ही बरामद माल की फर्द बनाई थी। इस मामले में थाना जगदीशपुरा में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। आरोपी मोबाइल से आपराधिक गतिविधि कर रहे थे। 
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