रातभर थाने और चौकी के लगाते रहे चक्कर, सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
धीरज का आरोप है कि पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। थाना एत्माद्दौला पर रात दस बजे सूचना दे दी थी। पुलिस ने घटनास्थल छलेसर चौकी का बताया। इस पर वहां भेज दिया। मगर, वहां से भी थाना एत्माद्दौला जाने के लिए कहा। इस पर दोबारा थाने आए। मगर, इस बार पुलिस ने उल्टा कह दिया कि शराब पीकर आए हो, जुए में रकम उड़ा दी होगी। इस पर उनसे मेडिकल कराने को कहा, लेकिन पुलिस ने मेडिकल नहीं कराया। रात भर दोनों थानों के चक्कर लगाते रहे। दूसरे दिन तड़के पांच बजे घर वापस चले गए। धीरज का कहना है कि पुलिस सुनवाई नहीं करेगी तो एसएसपी से मिलने जाएंगे।
पुलिस बोली, लिफाफा गैंग ने की वारदात
थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय के मुताबिक, शिवकुमार ने 112 नंबर पर कॉल किया था। इस पर जांच की थी। इसमें पता चला कि बदमाशों ने उसके रुपये चेकिंग का डर दिखाकर लिफाफे में रखवा दिए थे। कुबेरपुर पर चेकिंग बताकर उसे दूसरा लिफाफा पकड़ाकर उतार दिया था। लिफाफे में कागज भर दिए थे। इस पर शिव कुमार ने एक ठेल विक्रेता की मदद से घर फोन किया। वह अपने मौसेेरे भाई की मदद से घर पहुंचा। बाद में पुलिस को बताया। घटनास्थल एत्मादपुर का था। इस पर वहां की पुलिस को बुलाया गया था। इसके बाद पीड़ित उनके थाने पर शिकायत करने नहीं आया। उधर, शिव कुमार का मौसेरा भाई लूट की कहानी बता रहा है। सीओ एत्मादपुर रवि गुप्ता का कहना है कि घटनास्थल थाना एत्माद्दौला क्षेत्र का था। इस पर वहां की पुलिस को कार्रवाई के लिए बोला गया था।
आगरा: अधिवक्ता के पिता की गोली मारकर हत्या से सनसनी, परिवार में मचा कोहराम