प्रिया ने 29 नवंबर 2022 को वृंदावन में लड्डू गोपाल संग शादी की थी। शादी की वर्षगांठ मनाने के लिए परिजनों और रिश्तेदारों के साथ वृंदावन पहुंची। यहां होटल बुक किया और इसकी सजावट भी करवाई। मेहमानों को न्योता दिया गया। समारोह में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति का शृंगार किया गया। उन्हें सेहरा पहनाया। भगवान का यह रूप देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया। सबसे पहले कान्हा को स्टेज पर लाया गया और बाद प्रिया का आगमन हुआ।
घूंघट निकालकर स्टेज पर पहुंची
दुल्हन की तरह सजी प्रिया घूंघट निकालकर कान्हा के सामने आईं। पति रूप में विराजमान भगवान को देखा तो भाव विह्लल होकर नाचने लगीं। पहली सालगिरह को भव्य तरीके से मनाने में प्रिया ने किसी तरह की कसर नहीं छोड़ी। स्टेज पर पहुंचने के बाद प्रिया ने पहले ठाकुरजी के गले में वरमाला डाली। इसके बाद ठाकुरजी के हाथ लगवाकर खुद वरमाला पहनी। भगवान संग अटूट भक्ति को देख वहां मौजूद हर कोई राधे-राधे कहता रहा।
प्रिया ने कहा कि हर पति शादी की वर्षगांठ पर पत्नी को गिफ्ट देता है। हमारे कान्हा ने भी बहुत सुंदर रिंग गिफ्ट में दी है। उन्होंने बताया कि जो मेरे विवाह को मान नहीं रहे थे, आज वह भी इस समारोह में शामिल हुए। पिता, भाई, बहन और रिश्तेदारों संग 350 से अधिक लोग मेरी शादी की सालगिरह के साक्षी बने हैं। इससे मुझे बेहद खुशी है।
मूलत: पलवल निवासी प्रिया के पिता राजपाल लंबरदार ने बताया कि प्रिया का जन्म फरीदाबाद में हुआ। बचपन में उसे सीता कहते थे। वह 6 साल की उम्र से ही ताई के साथ छिपकर वृंदावन आती थीं। बाद में उसने किराए पर मकान ले लिया और मां को भी साथ ले आई। 24 दिनों तक मां को अपने पास रखा। उसे वृंदावन से वापस घर ले जाने के लिए काफी जतन किए, लेकिन वह नहीं गई। आखिरकार हम हार गए और बेटी प्रिया जीत गई। पिछले साल वह भगवान कृष्ण की हो गई।