यह स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुर गोयल ने बताया कि डेंगू से पहले किसी अन्य स्ट्रेन से पीड़ित हुआ है और दूसरी बार में स्ट्रेन कोई दूसरा है तो यह खतरनाक बन जाता है। हाल में जो बच्चों में यह डेंगू का डेन-2 स्ट्रेन मिला है, उनमें से अधिकांश पहले भी डेंगू की चपेट में आए हैं।
दिमाग में होने लगता है रक्तस्राव
एसएन के माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि डेंगू के चार सीरोटाइप होते हैं, जिसे डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 बोले जाते हैं। इसमें डेन-2 अन्य से ज्यादा खतरनाक है। इसमें मरीज के दिमाग में ब्लीडिंग होने लगती है। इससे मरीज की मौत हो जाती है। फिरोजाबाद और आगरा में आईसीएमआर ने इस स्ट्रेन की पुष्टि की है।
बरतें सावधानी
- मच्छर से हरहाल में बचें, घर में साफ-सफाई बरतें।
- पानी को ढककर रखें। कूलर की टंकी खाली कर दें।
- जलभराव होने पर उसमें मिट्टी का तेल छिड़क दें।
- बच्चों को नारियल पानी, छाछ, जूस खूब पिलाएं।
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