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योगी के संदेश से हर्ष: कन्हैया की जन्मभूमि में अब नहीं बिकेगी मांस-मदिरा, ऊर्जा मंत्री बोले-धार्मिक पर्यटन का बनाएंगे हब

Sat, 11 Sep 2021 12:18 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा

सार

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सीएम ने घोषणा की थी, 10 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आधिकारिक रूप से इसका आदेश जारी कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान के 10 किलोमीटर दायरे में स्थित नगर निगम के 22 वार्ड क्षेत्रों में मांस-मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित किया गया है।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर मथुरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा में की गई घोषणा के ठीक 10 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से ब्रजवासियों को मांस-मदिरा प्रतिबंधित करने का संदेश भेज दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली के 10 किलोमीटर के दायरे में नगर निगम के 22 वार्ड क्षेत्र में मांस और मदिरा को प्रतिबंधित करने की जानकारी दी है। इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। इससे वैष्णव कृष्ण भक्तों के चेहरे खिल गए हैं। खास बात यह है कि अमर उजाला ने संत-महंतों व अन्य की आवाज को हमेशा पुरजोर से उठाया।

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तीन साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कन्हैया के दर्शन को मथुरा आए मुख्यमंत्री योगी ने यहां संतों की इच्छा का आदर करते हुए मथुरा में मांस और मदिरा की बिक्री को प्रतिबंधित करने की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी थी। घोषणा के 10 दिन बाद मुख्यमंत्री ने आधिकारिक रूप से इसका आदेश जारी कर दिया। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान के 10 किलोमीटर दायरे में स्थित नगर निगम के 22 वार्ड क्षेत्रों में मांस-मदिरा की बिक्री प्रतिबंधित किया गया है।
भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली से जुड़े इस ऐतिहासिक फैसले में प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा की अहम भूमिका निभाई है। जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री का मथुरा आगमन, उनकी मंच पर संतों से मुलाकात और फिर मदिरा-मांस के प्रतिबंध का ऐलान एक अहम रणनीति का हिस्सा रहा है। इस पर वैष्णव कृष्ण भक्त हर्षित हैं।

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ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण की नगरी को धार्मिक पर्यटन का बनाएंगे हब: श्रीकांत शर्मा
क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री के फैसले के लिए ब्रजवासियों को बधाई दी है। कहा कि लंबे समय से इस पवित्र स्थल को तीर्थस्थल घोषित कराने की मांग की जा रही थी। इसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। इसके लिए ब्रजवासी मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यूपी सरकार ब्रज के विकास की प्रथम प्राथमिकता मानकर काम कर रही है। साढ़े चार साल के दौरान यहां हुए विकास कार्य इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि को दुनियां का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे ब्रजवासियों को भरपूर रोजगार मिल सके।
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गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी और कपिल शर्मा दाएं से बाएं - फोटो : अमर उजाला
ब्रजवासियों के लिए अभिनंदनीय, वंदनीय फैसला: कपिल शर्मा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का संदेश ब्रजवासियों के लिए अभिनंदनीय, वंदनीय और नमन करने योग्य है। धर्म प्रेमी जनता, सामाजिक संगठन इसकी लंबे समय से इच्छा पाले हुए थे, जिसे गोरखनाथ पीठाधीश्वर प्रदेश के सीएम ने स्वीकार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की नगरी को कृतार्थ किया है। जो लोग यहां भगवान के दर्शन के लिए धार्मिक भाव लेकर आते थे, उन्हें गाय की आवाज के स्थान पर जानवरों की करकस आवाजें सुनने को मिलती थीं। सुगंध के स्थान पर दुर्गंध का सामना करना पड़ता था। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास भी यही माहौल था। एक किलोमीटर दायरे के बाहर शराब बिकते हुए देख वैष्णव परेशान होते थे। लेकिन, मुख्यमंत्री का फैसला वंदनीय है। 

1998 से शुरू हुई मुहिम, मिली कामयाबी: गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी कहते हैं कि 1998 में श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के माध्यम से दायर जनहित याचिका से शुरू हुई मुहिम आज एक लक्ष्य को पाने में सफल हो गई है। उन्होंने जनहित याचिका में न्यायालय को अवगत कराया था कि यमुना में प्रदूषण का कारण जहरीले रसायन उगलने वाले उद्योगों के साथ वह अवैध पशु कटान भी है, जिसका खून शहर की नालियों से बहकर यमुना में जाता है। आखिरकार 15 जुलाई 1998 को अवैध कट्टीघर बंद कराया गया। लेकिन पिछले कुछ वर्षों के दौरान अवैध कटान बंद होने के बावजूद श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास दुकानों ने ले लिया। शराब की दुकानों की संख्या भी जन्मस्थान के आसपास बढ़ गई। मुख्यमंत्री  को उनके इस आदेश के लिए ब्रजवासी बधाई देते हैं।

योगी का बड़ा फैसला: मथुरा का 10 वर्ग किमी क्षेत्र तीर्थ स्थल घोषित, शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध

 
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