ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा
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गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी और कपिल शर्मा दाएं से बाएं
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ब्रजवासियों के लिए अभिनंदनीय, वंदनीय फैसला: कपिल शर्मा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का संदेश ब्रजवासियों के लिए अभिनंदनीय, वंदनीय और नमन करने योग्य है। धर्म प्रेमी जनता, सामाजिक संगठन इसकी लंबे समय से इच्छा पाले हुए थे, जिसे गोरखनाथ पीठाधीश्वर प्रदेश के सीएम ने स्वीकार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की नगरी को कृतार्थ किया है। जो लोग यहां भगवान के दर्शन के लिए धार्मिक भाव लेकर आते थे, उन्हें गाय की आवाज के स्थान पर जानवरों की करकस आवाजें सुनने को मिलती थीं। सुगंध के स्थान पर दुर्गंध का सामना करना पड़ता था। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास भी यही माहौल था। एक किलोमीटर दायरे के बाहर शराब बिकते हुए देख वैष्णव परेशान होते थे। लेकिन, मुख्यमंत्री का फैसला वंदनीय है।
1998 से शुरू हुई मुहिम, मिली कामयाबी: गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी कहते हैं कि 1998 में श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद के माध्यम से दायर जनहित याचिका से शुरू हुई मुहिम आज एक लक्ष्य को पाने में सफल हो गई है। उन्होंने जनहित याचिका में न्यायालय को अवगत कराया था कि यमुना में प्रदूषण का कारण जहरीले रसायन उगलने वाले उद्योगों के साथ वह अवैध पशु कटान भी है, जिसका खून शहर की नालियों से बहकर यमुना में जाता है। आखिरकार 15 जुलाई 1998 को अवैध कट्टीघर बंद कराया गया। लेकिन पिछले कुछ वर्षों के दौरान अवैध कटान बंद होने के बावजूद श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास दुकानों ने ले लिया। शराब की दुकानों की संख्या भी जन्मस्थान के आसपास बढ़ गई। मुख्यमंत्री को उनके इस आदेश के लिए ब्रजवासी बधाई देते हैं।
योगी का बड़ा फैसला: मथुरा का 10 वर्ग किमी क्षेत्र तीर्थ स्थल घोषित, शराब-मांस की बिक्री पर प्रतिबंध