प्रायोगिक परीक्षा के साक्ष्य समय से न देने पर चार महीने परिणाम विलंब हुआ
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मौखिक परीक्षाएं एक से 15 जुलाई के बीच कराए जाने की योजना बनाई है। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है। 15 अगस्त मुख्य परीक्षाएं समाप्त होनी है और 31 अगस्त तक परिणाम देने का निर्णय लिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में प्रायोगिक परीक्षा के साक्ष्य कॉलेजों की ओर से न दिए जाने से चार महीने परिणाम विलंब हो गया था।
सत्र 2019-20 की परीक्षा में वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई थी। कॉलेजों को छूट दी गई कि वह आसपास के कॉलेजों से परीक्षक बुलाकर प्रायोगिक परीक्षा करा लें। प्राप्तांक वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ विवि को उपलब्ध करा दें। अधिकतर कॉलेजों ने समय से अंक साक्ष्यों (रिकॉर्डिंग) के साथ नहीं भेजे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रत्येक कॉलेज को तीन से चार बार नोटिस जारी किया गया। अक्तूबर तक परिणाम लटका रहा। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि इस वर्ष सख्ती के साथ मौखिक परीक्षा की वीडियो रिकॉर्डिंग मंगाई जाएगी। समय से उपलब्ध न कराने वाले कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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